क्या आपने कभी सोचा है कि क़ुरआन में आसमान की ऊँचाइयों से गिरने वाले की मिसाल किसके लिए दी गई है?
यह मिसाल हमें शिरक और उसके परिणामों की गंभीरता को समझाती है।
सवाल: आसमान की ऊँचाइयों से गिरने वाले की मिसाल क़ुरआन में किसके बारे में बयान की गई है?
- A. तौहीद परस्त
- B. काफिर
- C. मुशरिक
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन C , मुशरिक
तफ़सील (विवरण):
दलील
आसमान की ऊँचाइयों से गिरने वाले की मिसाल मुशरिक के लिए क़ुरआन में दी गई है।
अल्लाह रब्बुल इज्जत मुशरिकों के शिर्क के कारण मिसाल बताते हुए फरमाते हैं:
“जो अल्लाह के साथ किसी को शरीक ठहराता है, वह ऐसा है, ग़ोया आसमान की बुलंदियों से गिर गया और आसमान की बुलंदियों से गिरने के बाद उसे एक परिंदा उठाकर ले जाए या कोई हवा चले और जहाँ चाहे उसे तिनके के जैसा उठा कर फेंक दे।”
📕 सौराह अल – हाजी 22:31
व्याख्या
अब सवाल यह आता है कि यह मिसाल काफिर की क्यों नहीं है?
- इसमें अल्लाह तआला उस शख्स के बारे में बता रहे हैं जिसने शिर्क किया।
- यानी कहीं न कहीं वह अल्लाह को रब मानता है, लेकिन अल्लाह की सत्ता, नाम और सिफ़ात में दूसरों को शरीक ठहराता है।
- जब उसने शिर्क किया, तो अल्लाह ने उसे आसमान की ऊँचाई से नीचे फेंक दिया।
- जबकि काफिर का सवाल ही नहीं कि वह आसमान की ऊँचाई तक पहुंचे, क्योंकि वह अल्लाह का पूरा इनकार करता है।
सबक
इसलिए हमें चाहिए कि:
- तौहीद की अहमियत को समझें।
- शिर्क की हर प्रकार से खुद को और अपनी नस्ल को बचाएँ।
- अल्लाह की राह पर चलकर अपने ईमान को मजबूत करें।
♥ इंशाअल्लाह अल-आज़ीज़
- अल्लाह रब्बुल इज्जत हमें सभी प्रकार के शिर्क से बचाए।
- हमें सही इस्लामी ज्ञान हासिल करने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे।
- जब तक जीवित हैं, हमें इस्लाम और ईमान पर कायम रखें।
- हमारा अंत ईमान पर हो।
!!! वा आख़िरु दावना अनिल्हम्दुलिल्लाहिरब्बिल आलमीन !!!



