नमाज़ सिर्फ़ सज्दा और रुकू का नाम नहीं, बल्कि एकता, अनुशासन और दिलों को जोड़ने का तरीका है। लेकिन नमाज़ की सफ़ में छोड़ी गई छोटी-सी जगह भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। क्यों?
क्योंकि उसी जगह का फ़ायदा शैतान उठाता है — जैसा कि रसूलअल्लाह ﷺ ने खुद बताया।
सवाल: रसूलअल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: “मैं शैतान को वहाँ घुसते देखता हूँ जैसे बकरी का बच्चा घुस जाता है।” यह किस स्थान के बारे में फ़रमाया गया?
- A. शाम के समय घर के खुले दरवाज़े
- B. नमाज़ की सफ़ की खाली जगह
- C. पति-पत्नी का नाराज़ होकर सोना
- D. दो मुसलमानों के झगड़े का वक़्त
सही जवाब है: ऑप्शन B , नमाज़ की सफ़ की खाली जगह
तफ़सील (विवरण):
दलील:
۞ बिस्मिल्लाह-हिर-रहमान-निर-रहीम ۞
अनस बिन मालिक (रज़ि.) से रिवायत है:
“सफ़ों को मिलाकर खड़े रहो, सफ़ को नज़दीक रखो, गर्दनों को बराबर रखो।
क़सम उस ज़ात की जिसके हाथ में मेरी जान है!
मैं शैतान को सफ़ों की खाली जगहों में ऐसे घुसते देखता हूँ जैसे बकरी का बच्चा घुस जाता है।
सफ़ को सीधा करना भी नमाज़ की पूर्णता का हिस्सा है।”
📖 सुनन अबू दाऊद, जिल्द 1, हदीस 663–664 (सहीह)



