अबू जहल कौन से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ?

कई लोग यह जानना चाहते हैं कि इस्लाम के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक अबू जहल किस जंग में मारा गया। यह सवाल सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि ग़ज़वा-ए-बद्र की अहमियत को समझने का भी ज़रिया है। आइए इसे आसान और साफ़ अंदाज़ में समझते हैं।

सवाल: अबू जहल कौन से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ?

  • A. ग़ज़वा-ए-उहुद
  • B. फ़तह मक्का
  • C. ग़ज़वा-ए-बद्र
  • D. ग़ज़वा-ए-खंदक

सही जवाब है: ऑप्शन C , ग़ज़वा-ए-बद्र

तफ़सील (विवरण):

दलील :

۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞

अब्दुर्रहमान बिन औफ़ (रज़ि.) बयान करते हैं:
“ग़ज़वा-ए-बद्र में मेरे दोनों तरफ़ अंसार के दो नौजवान खड़े थे। उन्होंने मुझसे कहा:
‘हमें अबू जहल दिखा दीजिए, हम उसे क़त्ल कर देंगे, क्योंकि वह रसूलुल्लाह (ﷺ) को गाली देता है।’

फिर जब उन्होंने अबू जहल को देखा, तो उस पर हमला किया और उसे क़त्ल कर डाला।

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया:
‘तुम दोनों ने उसे मारा है।’

इन दोनों बहादुर साहाबा के नाम थे:

  • मुआज़ बिन अ़फ़रा (रज़ि.)
  • मुआज़ बिन अम्र बिन अल-जमुह (रज़ि.)

📖 सहीह बुखारी, वॉल्यूम 5, हदीस 3988

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