कौनसे अमल के लिए यह फरमाया कि जब तक तुम वो नहीं करोगे नेकी में कमाल हासिल नहीं कर सकते?

ईमान और नेकी एक ऐसा सफर है जिसमें इंसान लगातार अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि […]

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जो निकाह की ताक़त न रखता हो उसको क्या करना चाहिए?

शादी (निकाह) करना एक अज़ीम इबादत और सुन्नत है, जो इंसान को बहुत-सी बुराइयों से बचाती है। लेकिन क्या हो अगर कोई निकाह करने की

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कुरआन में नाज़िल होने वाली सबसे पहली आयत “इक़रा बिस्मि रब्बिकल्लज़ी ख़लक़” में ‘इक़रा’ का मतलब क्या है?

जब अल्लाह तआला का पहला वह्य जिब्रील अमीन के ज़रिए नबी-ए-आखिर ﷺ पर उतरा, तो उसकी पहली ही आयत ने इंसानियत को ज्ञान, विज्ञान और

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उस दीवार का क्या नाम है जिस पर से जन्नत और दोज़ख दोनों के अंदर रहने वाले लोग दिखते हैं?

कयामत के दिन का चित्रण करने वाली कुरआन की आयतें मन को दहला देने वाली हैं। उस दिन इंसान के सारे अमल सामने होंगे और

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वो कौन से सहाबी हैं जिनसे फरिश्ते भी हया करते हैं?

इस्लाम में हया यानी शर्म और लज्जा एक बहुत बड़ा गुण माना गया है। यह ईमान का एक अंग है। लेकिन क्या आप कल्पना कर

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कौनसे नबी (अलैहिस्सलाम) ने अपनी बीवी को 100 कोड़े मारने की क़सम खाई थी?

इंसानी इतिहास में अल्लाह ने अपने बंदों को कई तरह की आज़माइशों में डाला है। कुछ नबियों की आज़माइशें इतनी कठिन थीं कि उनकी कहानियाँ

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कुरआन की वो कौनसी सूरह है जिसकी आखिरी आयत उस सूरह के नाम पर ही खत्म होती है?

कुरआन-ए-पाक की हर सूरह और हर आयत में अल्लाह ने अद्भुत व्यवस्था रखी है। कुछ सूरहें ऐसी हैं जिनके नाम उनकी आयतों में आए हुए

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रसूलल्लाह (ﷺ) ने किस को हर बुराई की कुंजी (चाबी) कहा?

क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा अमल (कार्य) है जिसे पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने ‘हर बुराई की कुंजी’ बताया है? यह जानना आपके लिए

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वो सहाबी जिनकी मौत पर अल्लाह का अर्श हिला, वो किसकी दावत पर इस्लाम कुबूल किए थे?

इस्लाम के इतिहास में कुछ ऐसे महान लोग हुए हैं जिनकी इबादत और तक्वा ने उनके जीवन और मृत्यु दोनों को ही अद्भुत चमत्कारों से

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रसूल अल्लाह (ﷺ) ने इनमें से किसको बूत परस्त की तरह कहा है?

इस्लाम में शराब (अल्कोहल) को हराम क़रार दिया गया है और इसे तमाम बुराइयों की जड़ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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वो कौन-सी 2 नेमतें हैं जिनसे अक्सर लोग ग़फ़लत में रहते हैं?

हम अक्सर अल्लाह की नेमतों में घिरे रहते हैं, मगर बहुत-सी नेमतों की क़द्र तब पता चलती है जब वो हमसे छिन जाती हैं। इसी

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क़ुरआन के हिसाब से अल-लव्वामह क्या है?

क़ुरआन में कई ऐसे शब्द आते हैं जिनके अंदर गहरी हिकमत छुपी होती है। उनमें से एक शब्द है अल-लव्वामह। अक्सर लोग इसका मतलब गलत समझ

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नमाज़ की सफ़ों में अगर जगह (गैप) रह जाए, तो क्या नुक़सान होता है?

अक्सर हम मस्जिद में नमाज़ पढ़ते समय देखते हैं कि सफ़ों के बीच थोड़ा-बहुत गैप रह जाता है। यह छोटी-सी बात दिखने में मामूली लगती

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कौन-सी नमाज़ के बाद नफ़्ल नमाज़ नहीं पढ़नी चाहिए?

नमाज़ हमारी रोज़मर्रा की इबादत है, लेकिन कई बार हम यह भूल जाते हैं कि कौन-सी नमाज़ के बाद नफ़्ल पढ़ना मना है।हदीस के मुताबिक

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सिद्रत अल-मुन्तहा के पास कौन-सी जन्नत है?

मी’राज़ की हक़ीक़त में कई ऐसे राज़ हैं जिन्हें सिर्फ़ चुने हुए बंदे ही देख सके। उन्हीं में से एक है — सिदरत अल-मुन्तहा और उसके पास

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शब-ए-क़द्र में इबादत का सवाब कितना है?

रमज़ान की मुबारक रातों में एक रात ऐसी होती है जो इंसान की पूरी ज़िंदगी बदल सकती है—शब-ए-क़द्र। बहुत से लोग पूछते हैं कि इस

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मेराज की रात बैतुल-मुकद्दस में प्यारे नबी ﷺ को कौन-से 2 प्याले पेश किए गए थे?

इस्रा व मेराज की रात अल्लाह ने अपने प्यारे नबी ﷺ को वह मंज़िले दिखाईं जो किसी इंसान ने पहले नहीं देखीं। इस सफ़र के

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ग़ज़वा-ए-बद्र की शुरुआत पर उत्बह, शैबा और वलीद के मुकाबले में रसूलल्लाह ﷺ ने किन तीन सहाबा को आगे भेजा?

इस्लामी इतिहास की सबसे महान जंगों में से एक — ग़ज़वा-ए-बद्र — बहादुरी, ईमान और अल्लाह पर भरोसे का बेहतरीन नमूना है। इसकी शुरुआत एक ऐसे मुकाबले

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वो कौन से सहाबी थे जिनको ग़ज़वा-ए-बद्र में रसूलल्लाह ﷺ ने एक लकड़ी दी जो तलवार बन गई?

इस्लामी इतिहास में कई ऐसे मौजिज़े (चमत्कार) दर्ज हैं जो ईमान को और मज़बूत कर देते हैं। ग़ज़वा-ए-बद्र में एक ऐसा ही वाक़िया पेश आया

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अबू जहल कौन से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ?

कई लोग यह जानना चाहते हैं कि इस्लाम के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक अबू जहल किस जंग में मारा गया। यह सवाल सिर्फ इतिहास नहीं,

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उहद की लड़ाई में वह कौन-सी दो सहाबिया थीं जो रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ मैदान में मौजूद थीं?

इस्लामी इतिहास में जहाँ सहाबा-ए-किराम ने अपनी जानें क़ुर्बान कीं, वहीं बहादुर सहाबिया ने भी अद्भुत सेवाएँ अंजाम दीं।ग़ज़वा-ए-उहद में दो महान सहाबिया ने ऐसा

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यह वसीयत किस नबी ने अपने बेटों को की थी: “अल्लाह ने तुम्हारे लिए यही दीन पसन्द किया है, इसलिए मुसलमान ही मरना”

यह सवाल हमें याद दिलाता है कि अल्लाह ने सभी अंबिया के ज़रिये एक ही दीन भेजा — इस्लाम।नबी याकूब (अलैहिस्सलाम) ने भी आख़िरी वक़्त अपने

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क़यामत के दिन किसके कानों में शीशा पिघला कर डाला जाएगा?

इस्लाम में दूसरों की बातें छिपकर सुनना इस्लाम में दूसरों की बातें छिपकर सुनना एक बड़ा गुनाह बताया गया है।क़यामत के दिन ऐसे लोगों के लिए बहुत ही

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अल्लाह सुब्हानहु से ये बात किसने कही थी: “ए मेरे रब! मुझे दिखा कि तू मुर्दों को कैसे ज़िंदा करेगा?”

कुरआन में कई ऐसे वाक़ियात हैं जो इंसान के ईमान को मज़बूत करते हैं। उनमें से एक हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का वाक़िया है, जब उन्होंने अल्लाह तआला

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मुँह या नाक से खून बहने से रोज़ा टूट जाता है?

रमज़ान के महीने में रोज़ा रखते वक्त बहुत से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि —अगर नाक या मुँह से खून निकल आए,

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किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराने वाले को क्या सवाब मिलेगा?

रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना सिर्फ़ भूख-प्यास सहना नहीं, बल्कि नेकी और इनाम कमाने का सुनहरा मौक़ा है।लेकिन क्या आप जानते हैं — अगर आप किसी

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अल्लाह सुभानहु ने क़ुरआन में फ़रमाया: “वमा अदराका मल हुतमह” – हुतामा क्या है?

क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने कई जगह जहन्नम की सज़ाओं का ज़िक्र किया है।सूरह अल-हुमाज़ा में अल्लाह ने एक खास आग — “हुतामा” — का ज़िक्र किया

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क़ुरआन में जिब्रील (अलैहिस्सलाम) का नाम कितनी बार आया है?

जिब्रील (अलैहिस्सलाम) वो बरकतवाले फरिश्ते हैं जो अल्लाह तआला की तरफ़ से वही (इल्हाम) लेकर नबी और रसूलों के पास आते रहे।क़ुरआन मजीद में उनका नाम सिर्फ़

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रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया: “वो हम में से नहीं जो क्या नहीं करता”

कभी-कभी छोटी-सी बातें हमारे ईमान और पहचान को ज़ाहिर करती हैं। इस्लाम में साफ-सफाई और सुन्नत पर अमल करना बहुत अहम है। ऐसी ही एक

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इनमें से जन्नत के बीच का दरवाज़ा किसे कहा गया है?

इस्लाम में वालिदैन (माता-पिता) का बहुत ऊँचा मुकाम है। जहाँ माँ के कदमों के नीचे जन्नत बताई गई है, वहीं वालिद (पिता) को जन्नत के बीच के दरवाज़े के तौर पर

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