रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है?
रमज़ान की रातें अल्लाह की रहमतों से भरी होती हैं। बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि इन रातों में की जाने वाली नमाज़ […]
रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है? जवाब देखे »
रमज़ान की रातें अल्लाह की रहमतों से भरी होती हैं। बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि इन रातों में की जाने वाली नमाज़ […]
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क्या आपने कभी सोचा है कि अल्लाह तआला अपनी मख़लूक़ (बंदों) की कौन-सी बात को सबसे ज़्यादा ध्यान से सुनते हैं?हर इंसान की दुआ, इबादत और ज़िक्र
इनमें से वो क्या है जिसे अल्लाह सुब्हानहु सबसे ज़्यादा मतवज्जा होकर सुनते हैं? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना सिर्फ बरकतों का नहीं बल्कि बेशुमार सवाब का भी मौसम है। अल्लाह तआला ने इस महीने के रोज़ों में इतनी बरकत रखी
रमज़ान के एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर हैं? जवाब देखे »
फ़तेह मक्का इस्लाम के इतिहास का वह मुक़द्दस लम्हा था जब रहमतुल्लिल आलमीन ﷺ अपने सिर को झुकाए, अल्लाह की हम्द करते हुए मक्का में दाख़िल हुए।इस
फ़तेह मक्का के दिन आप ﷺ अपनी ऊँटनी पर सवार होकर कौन-सी सूरह की तिलावत फरमा रहे थे? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना रहमतों और बरकतों से भरा होता है। इस मुबारक महीने में हर नेकी और इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता
क़ुरआन करीम में अल्लाह तआला ने उन लोगों के लिए बेहद सख़्त चेतावनी दी है जो यतीमों का हक़ मारते हैं।ऐसे लोग सोचते हैं कि वो
रोज़े के दौरान मेडिकल ज़रूरतें कभी-कभी उलझन पैदा कर देती हैं—ख़ासकर इंजेक्शन, दवाई या इलाज के मामले में। एक आम सवाल यह है कि बेहोशी देने
रोज़ेदार अगर एनेस्थेटिक इंजेक्शन (बेहोश करने वाला इंजेक्शन) ले तो क्या होगा? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा ऐसे हैं जिनकी कुर्बानियाँ और मक़ाम अल्लाह तआला ने बहुत ऊँचा किया।ऐसे ही एक सहाबी हैं हज़रत जाफ़र बिन अबी तालिब
वो कौन से सहाबी हैं जिनको रसूल-अल्लाह ﷺ ने जन्नत में फरिश्तों के साथ उड़ते हुए देखा? जवाब देखे »
रमज़ान बरकतों और रहमतों का महीना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर होते हैं? हदीस
रमज़ान के एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर हैं? जवाब देखे »
इस्लाम में सलाम करना सिर्फ़ एक आदत या तहज़ीब नहीं, बल्कि एक इबादत और सवाब वाला अमल है। जब कोई मुसलमान दूसरे मुसलमान को सलाम करता है, तो वह प्यार,
अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाह कहने पर कितनी नेकियाँ मिलती हैं? जवाब देखे »
रोज़ा सिर्फ़ भूख-प्यास सहने का नाम नहीं, बल्कि रूह की पाकीज़गी का सफ़र है।अल्लाह ने इसे एक ऐसे मक़सद के लिए फ़र्ज़ किया है जो
रोज़े का असल मक़सद क्या है? जवाब देखे »
जब अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत से तूफ़ान का आज़ाब भेजा, तो पूरी धरती पानी से भर गई। लेकिन अल्लाह ने अपने नेक बंदे हज़रत नूह
अल्लाह तआला ने नूह (अलैहिस्सलाम) की कश्ती को तूफ़ान के आज़ाब से बचाकर कहाँ ठहराया? जवाब देखे »
हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने सैंकड़ों साल तक उनकी दावत को ठुकराया, और जब अल्लाह का अजाब आया, तो केवल ईमान लाने वाले ही
क्या रिश्तेदारी ईमान से बड़ी है? अल्लाह ने हज़रत नूह (A.S.) को एक गहरी नसीहत दी। जवाब देखे »
क्या आप जानते हैं कि अल्लाह तआला के मुकर्रब (करीबी) फरिश्तों में से एक — हज़रत मीकाईल (अलैहिस्सलाम) — का नाम पूरे कुरआन-ए-मजीद में सिर्फ एक ही
मीकाईल (अलैहिस्सलाम) का नाम कुरआन में कितनी बार आया है? जवाब देखे »
जन्नत के अद्भुत मंज़र बयान करने वाली हदीसों में से एक हदीस यह भी है — जिसमें रसूलअल्लाह ﷺ ने एक ऐसे घर का ज़िक्र
रसूलअल्लाह ﷺ के सहाबा में हर एक की कोई न कोई ख़ास बात थी — लेकिन एक सहाबी ऐसे थे जिनके बारे में नबी ﷺ
वो कौन से सहाबी हैं जिनसे फ़रिश्ते भी हया (शरम) करते हैं? जवाब देखे »
क़ियामत की निशानियों में से एक बड़ी निशानी है दज्जाल का ज़ुहूर (आना)। हदीसों में उसके साथ चलने वाले लोगों का ज़िक्र भी मिलता है —
इस्लाम में मिलने और जुदा होने दोनों के मौके पर सलाम कहना सुन्नत है। यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक खूबसूरत दुआ है जिसमें अमन, रहमत
किसी मुसलमान से जुदा होते वक्त क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »
अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत के ज़रिए कुछ क़ौमों को उनकी ज़िद, ग़ुरूर और कुफ़्र की वजह से सख़्त अज़ाब दिया। उनमे से एक मशहूर
वो कौन सी क़ौम थी जिन पर टिड्डी , जुएँ , मेंढक और ख़ून का अज़ाब नाज़िल हुआ था? जवाब देखे »
अज़ान देना सिर्फ़ नमाज़ की पुकार नहीं, बल्कि इस्लाम की पहचान और ईमान की गवाही है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने अज़ान देने वालों को
क़यामत के दिन सबसे लंबी गर्दन किसकी होगी? जवाब देखे »
अल्लाह तआला अपने बन्दों पर बेहद रहम करने वाला है। वह हर रात आसमान-ए-दुनिया की तरफ नुज़ूल फ़रमाता है और खुद पुकार कर रहमत के दरवाज़े खोल
क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत इस्लाम में सबसे अफ़ज़ल इबादतों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने किस सहाबी को “अल्लाह की
हदीस के हिसाब से अल्लाह की किताब को सबसे उम्दा (अच्छी तरह) पढ़ने वाले कौन से सहाबी थे? जवाब देखे »
कभी सोचा है कि रसूलुल्लाह ﷺ जब अपने घर में दाख़िल होते थे तो सबसे पहले कौन-सा काम किया करते थे? यह एक छोटा-सा अमल है, लेकिन
रसूलुल्लाह ﷺ जब घर में तशरीफ़ लाते तो (सलाम के बाद) सबसे पहले क्या करते? जवाब देखे »
क़ियामत के दिन जब हर इंसान अपने आमाल से डर रहा होगा, तब लोग एक ऐसे नबी की तलाश करेंगे जो अल्लाह तआला से शफ़ाअत (सिफ़ारिश) करें।
क्या आपने कभी आसमान की ओर देखकर सोचा है कि यह विशाल नीला गुम्बद किस पर टिका हुआ है?इंसान की समझ से परे इस रहस्य
अल्लाह सुब्हानहु ने आसमान को कितने सुतूनों (पिलर्स) पर बनाया है? जवाब देखे »
इंसानियत की शुरुआत से ही अल्लाह तआला ने लोगों की हिदायत के लिए नबी और रसूल भेजे।लेकिन क्या आपने कभी सोचा — ज़मीन पर सबसे पहले रसूल किसे
अल्लाह सुब्हानहु ने ज़मीन वालों की तरफ़ सबसे पहले किसे रसूल बनाकर भेजा? जवाब देखे »
हर इंसान का हर अच्छा या बुरा काम अल्लाह तआला के हाँ दर्ज होता है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेकी करने वालों (नेक लोगों) के आमाल किस जगह
नेिक लोगों के आमाल जिनमें लिखे जाते हैं, उसे क्या कहते हैं? जवाब देखे »
क्या कभी आपने नमाज़ में ध्यान भटकते हुए या क़ुरआन की आयतें भूलते हुए महसूस किया है?ये भूलना सिर्फ़ लापरवाही नहीं — बल्कि एक ख़ास शैतान
नमाज़ में क़ुरआन भुला देने वाले शैतान का नाम क्या है? जवाब देखे »
अल्लाह तआला बहुत रहम वाला है। वह अपने बंदों के गुनाह माफ़ कर देता है जब वे सच्चे दिल से तौबा करते हैं।लेकिन इस्लाम में
रसूल-ए-अल्लाह ﷺ ने किन लोगों के लिए फरमाया कि उन्हें कभी माफ़ नहीं किया जाएगा? जवाब देखे »
अल्लाह तआला की ताक़त और क़ुदरत का कोई मुकाबला नहीं।वह अपने चुनिंदा नबियों को ऐसी निशानियाँ देता है जिनसे उसकी महानता ज़ाहिर होती है।क्या आप
पहाड़ कौन से नबी के साथ मिलकर अल्लाह की तस्बीह किया करते थे? जवाब देखे »