रसूलअल्लाह ﷺ ने कौन से सहाबी के लिए यह फरमाया कि वे मेरी उम्मत में दीनी मामलों में सबसे ज़्यादा सख्त हैं?
रसूलअल्लाह ﷺ के हर सहाबी की कोई न कोई ख़ास खूबी थी — किसी में रहमदिल मिज़ाज, किसी में इल्म, किसी में हया, तो किसी […]
रसूलअल्लाह ﷺ के हर सहाबी की कोई न कोई ख़ास खूबी थी — किसी में रहमदिल मिज़ाज, किसी में इल्म, किसी में हया, तो किसी […]
नमाज़ मुसलमानों की सबसे अहम इबादत है, और इमामत यानी नमाज़ की क़ियादत करना एक बड़ी ज़िम्मेदारी है।लेकिन सवाल ये है कि लोगों में इमामत का हकदार कौन
रसूलअल्लाह ﷺ की हदीस के हिसाब से लोगों की इमामत का ज़्यादा हक़दार कौन है? जवाब देखे »
इसरा व मेराज की रात अल्लाह तआला ने अपने प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ को आसमानों की सैर कराई। हर आसमान पर नबी ﷺ की मुलाकात
मेराज की रात रसूल-अल्लह ﷺ की मुलाकात दूसरे आसमान पर किस नबी से हुई? जवाब देखे »
क़ुरआन मजीद में कई जगह अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत की निशानियों की क़सम खाई है। लेकिन एक सूरह ऐसी भी है जिसमें अल्लाह ने दो
क़ुरआन मजीद में कई ऐसी क़ौमें और घटनाएँ बयान की गई हैं जिनसे इंसान इबरत हासिल कर सके। उन्हीं में से एक है याजूज और माजूज
इनमें से क़ुरआन की कौन-सी सूरह में याजूज-माजूज का क़िस्सा बयान किया गया है? जवाब देखे »
क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने नेक लोगों के आमाल और गुनहगारों के आमाल के बारे में ज़िक्र किया है। जहाँ नेक लोगों के आमाल इल्लीयीन
सिज्जीन में क्या है? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम ऐसे हैं जिनकी बहादुरी और ईमानदारी की मिसालें आज तक दी जाती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि एक
नबी-ए-पाक ﷺ की कई हदीसों में आने वाले फितनों (परेशानियों) और भूकम्पों का ज़िक्र मिलता है। एक हदीस में आपने ﷺ ने एक ख़ास जगह के बारे में फरमाया
इस्लाम में जनाज़े (मय्यत के निकलने) के आदाब बहुत अहमियत रखते हैं। जनाज़े को देखकर इंसान को मौत की याद आती है और आखिरत का एहसास होता
रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया, जब तुम लोग जनाज़ा देखो तो क्या करना चाहिए? जवाब देखे »
इस्लाम में यतीम (अनाथ) बच्चों के हक़ की हिफ़ाज़त पर बहुत ज़ोर दिया गया है।अल्लाह तआला ने क़ुरआन में उन लोगों को सख्त चेतावनी दी है जो
“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” वो कौन लोग हैं? जवाब देखे »
इस्लाम में जिलहिज्जा के पहले दस दिन (अशरा-ए-जिलहिज्जा) बहुत बरकत और फ़ज़ीलत वाले माने गए हैं।ये वो दिन हैं जिनमें अल्लाह तआला को नेक अमल और इबादतें
अशरा-ए-जिलहिज्जा का ज़िक्र क़ुरआन की किस सूरह में आया है? जवाब देखे »
इस्लाम के शुरुआती दौर में अबू जहल इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता था।उसकी जिद, घमंड और नफ़रत ने उसे उस मुक़ाम तक पहुँचा दिया
अबू जहल कौन-से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास की सबसे अहम जंग — ग़ज़वा-ए-बद्र — में एक ऐसा वाक़या भी हुआ जो हक़ और बातिल के फ़र्क़ को हमेशा के लिए बयान कर गया।इस जंग
जंग-ए-बद्र में किसने कहा: “आज कोई तुम पर ग़ालिब नहीं होगा, मैं तुम्हारा हिमायती हूँ”? जवाब देखे »
क़ुरआन में कई क़ौमों का ज़िक्र आता है जो अपनी नाफ़रमानी की वजह से हलाक कर दी गईं।ऐसी ही एक क़ौम थी — असहाब-उल-हिज्र जिन्होंने पहाड़ों
असहाब-उल-हिज्र कौन थे? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास में ग़ज़वा-ए-बद्र एक ऐसा मुक़द्दस मौक़ा है, जहाँ मुसलमानों ने अल्लाह की मदद से एक बड़ी जीत हासिल की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि
वो कौनसे सहाबी थे जो ग़ज़वा-ए-बद्र में शामिल नहीं हुए फिर भी उन्हें सवाब मिला? जवाब देखे »
नबी-ए-पाक ﷺ के मुबारक नाम और उपाधियाँ (कुन्नियत) मुसलमानों के लिए इल्म और अदब का अहम हिस्सा हैं। कुन्नियत उस नाम को कहा जाता है
रसूलुल्लाह ﷺ की कुन्नियत क्या है? जवाब देखे »
क़ुरआन में “ज़क्कूम” का ज़िक्र एक भयानक दरख़्त के रूप में आया है, जो जहन्नम (नर्क) में उगेगा। यह दरख़्त दोज़ख़ियों का खाना होगा — यानी उन लोगों का अज़ाब जो
सवाल: वो कौनसे नबी हैं जिन्होंने ज़ालिम बादशाह से कहा: “मेरा रब वो है जो ज़िंदा करता है और मारता है”?
“नफ़्ल इबादतें इंसान को अल्लाह के इतना क़रीब कर देती हैं कि अल्लाह तआला उसकी सुनने, देखने और चलने में रहनुमाई फ़रमाता है। जानिए कौन
यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि हम अपने मरहूम रिश्तेदारों की तरफ से कौन-से नेक अमल कर सकते हैं जिनका सवाब उन्हें पहुँचे?हदीस से इसका
मरहूम (दुनिया से चले गए) रिश्तेदार की तरफ से कौन-कौन से अमल किए जा सकते हैं? जवाब देखे »
किसी को माफ़ करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन इस्लाम सिखाता है कि माफी देने वाला इंसान अल्लाह के यहाँ बहुत बुलंद दर्जा पाता है।
वह क्या है जो किसी को माफ़ करने पर बढ़ा दिया जाता है? जवाब देखे »
नमाज़ सिर्फ़ सज्दा और रुकू का नाम नहीं, बल्कि एकता, अनुशासन और दिलों को जोड़ने का तरीका है। लेकिन नमाज़ की सफ़ में छोड़ी गई
कभी-कभी इंसान ज़िंदगी की तकलीफ़ों से इतना टूट जाता है कि उसे मौत आसान लगने लगती है। लेकिन इस्लाम इंसान को मायूसी में नहीं गिरने
तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है? जवाब देखे »
इस्लाम की उम्मत को अल्लाह ने बेइंतहा फ़ज़ीलतें दी हैं। कई हदीसों में बताया गया है कि उम्मते-मुहम्मद ﷺ का दर्जा पिछली तमाम उम्मतों से
कौन-सी उम्मत 70 उम्मतों को मुकम्मल करने वाली है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि मौत के बाद ज़िंदगी का मज़ाक उड़ाने वालों को अल्लाह ने कैसे जवाब दिया? क़ुरान में एक ऐसा वाक़या
पैगंबर मुहम्मद ﷺ का पवित्र जीवन कई अद्भुत घटनाओं और चमत्कारों से भरा है। उनके नबी होने के दावे को पुष्ट करने के लिए अल्लाह
कुरआन न सिर्फ हमारी दुनिया की जीवन-रेखा है, बल्कि आखिरत में भी यह हमारा सबसे बड़ा सहारा और सिफारिशी बनेगा। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने कुछ
कयामत के नज़दीक आने से पहले दुनिया में बड़े बड़े फितने और अफरा-तफरी फैलेगी। ऐसे में सच्चा ईमान दुर्लभ होता जाएगा। लेकिन क्या आप जानते
इस्लाम ने हमेशा इंसानियत और भाईचारे को बढ़ावा दिया है। यही कारण है कि यह समाज में फैलने वाली हर बुराई पर सख्त रुख रखता
मेराज का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अनूठा और चमत्कारिक पल है, जब रसूलअल्लाह ﷺ को आसमानों की सैर कराई गई। इस यात्रा में आपने
मेराज की रात रसूलअल्लाह (ﷺ) की मुलाकात हारून (अलैहिस्सलाम) से कौनसे आसमान पर हुई? जवाब देखे »