सिज्जीन में क्या है?

क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने नेक लोगों के आमाल और गुनहगारों के आमाल के बारे में ज़िक्र किया है। जहाँ नेक लोगों के आमाल इल्लीयीन में लिखे जाते हैं, वहीं नाफ़रमानों के आमाल सिज्जीन में दर्ज होते हैं। आइए जानते हैं कि सिज्जीन दरअसल क्या है और उसमें क्या लिखा जाता है।

सवाल: सिज्जीन में क्या है?

  • A. दोज़ख़ की आग
  • B. नाफ़रमानों का आमालनामा
  • C. क़यामत की भयानक आवाज़
  • D. मुनाफ़िक़ों के रहने की जगह

सही जवाब है: ऑप्शन B , नाफ़रमानों का आमालनामा

तफ़सील (विवरण):

📖 दलील

۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞

क़ुरआन:

كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْفُجَّارِ لَفِي سِجِّينٍ، وَمَا أَدْرَاكَ مَا سِجِّينٌ، كِتَابٌ مَّرْقُومٌ
“सुन रखो! बेशक नाफ़रमानों (बदकिरदारों) के आमालनामे सिज्जीन में हैं। और तुम क्या जानो कि सिज्जीन क्या है? यह एक लिखा हुआ रजिस्टर (दफ़्तर) है।”

📖 सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन (83:7–9)


🌿 निष्कर्ष

सिज्जीन वह जगह या रजिस्टर है जहाँ बुरे और नाफ़रमान लोगों के आमाल लिखे जाते हैं। क़ुरआन हमें यह तालीम देता है कि हर इंसान का हर अमल दर्ज किया जा रहा है — चाहे वह अच्छा हो या बुरा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने आमाल को बेहतर बनाएं ताकि हमारा नाम इल्लीयीन  वालों में दर्ज हो, न कि सिज्जीन वालों में।

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