हकीक़त में अमीर कौन?
दुनिया में अक्सर लोग अमीरी को सिर्फ़ ज़्यादा माल-दौलत या ऊँचे रुतबे से जोड़ते हैं। लेकिन इस्लाम हमें असल अमीरी का एक बिल्कुल अलग और […]
हकीक़त में अमीर कौन? जवाब देखे »
दुनिया में अक्सर लोग अमीरी को सिर्फ़ ज़्यादा माल-दौलत या ऊँचे रुतबे से जोड़ते हैं। लेकिन इस्लाम हमें असल अमीरी का एक बिल्कुल अलग और […]
हकीक़त में अमीर कौन? जवाब देखे »
दुनिया में हर इंसान किसी न किसी से मोहब्बत करता है—चाहे वो अल्लाह और उसके रसूल ﷺ हों या फिर दुनियावी लोग। लेकिन असली सवाल
इंसान क़यामत के रोज़ किसके साथ होगा? जवाब देखे »
हम सब जानते हैं कि शैतान इंसान को गुमराह करने की पूरी कोशिश करता है। लेकिन असली सवाल यह है कि शैतान सबसे ज़्यादा किसको बहकाने
शैतान इन में से सबसे ज़्यादा किसको बहकाने की कोशिश करता है? जवाब देखे »
ज़िंदगी के हर मोड़ पर इंसानों के बीच राय का फ़र्क़ होना स्वाभाविक है। लेकिन जब बात ईमान और दीन की हो, तो यह सवाल उठता है
आजकल छोटी-सी बात भी पूरे समाज में बड़ी खबर बनकर फैल जाती है। यही अफ़वाहें अक्सर समाज में सबसे ज़्यादा फ़ितना और फ़साद की जड़ बनती
वो कौन-सी बात है जिसकी वजह से समाज में सबसे ज़्यादा फ़ितने और फ़साद होते हैं? जवाब देखे »
दुनिया भर में इंसानों की रंगत, भाषा और क़बीलों में बहुत विविधता पाई जाती है।लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह फर्क़ क्यों है?
इंसानों में रंगत का इख़्तेलाफ किस लिए होता है? जवाब देखे »
हर इंसान अल्लाह की रहमत का मोहताज है। जब मुसीबतें, ज़ुल्म या परेशानियाँ बढ़ जाती हैं तो इंसान यही सोचता है कि अल्लाह हम पर
अगर हम चाहते हैं कि अल्लाह हम पर रहम करे तो हमें क्या करना चाहिए? जवाब देखे »
ज़कात इस्लाम का एक अहम फ़र्ज़ है और इसकी अदायगी का सही तरीका जानना हर मुसलमान के लिए ज़रूरी है। अक्सर घरों में यह सवाल
क्या बीवी शौहर को ज़कात दे सकती है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि इस्लाम में सबसे बड़ा सम्मान किसे मिलता है?क्या यह नस्ल, खानदान या बाहरी स्थिति से तय होता है, या
इस्लाम में इनमें से सबसे अफ़ज़ल दर्जा किसका है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी गौर किया है कि बच्चे झूठ बोलना कहाँ से सीखते हैं?आम तौर पर यह सीख उनके परिवार से ही शुरू होती है।
अक्सर बच्चे झूठ बोलना सबसे पहले किनसे सीखते हैं? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि क़ुरआन में आसमान की ऊँचाइयों से गिरने वाले की मिसाल किसके लिए दी गई है?यह मिसाल हमें शिरक और उसके
आसमान की ऊँचाइयों से गिरने वाले की मिसाल क़ुरआन में किसके बारे में बयान की गई है? जवाब देखे »
क़यामत के दिन हौज़-ए-कौसर एक ऐसी नेमत है, जिससे पीने वाला कभी प्यासा नहीं होगा। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि कुछ लोग उसी
वो कौन लोग होंगे जिन्हें रोज़-ए-क़यामत हौज़-ए-कौसर से हटा दिया जाएगा? जवाब देखे »
क़ुरआन अल्लाह का कलाम है और इंसान की हिदायत के लिए उतारा गया। लेकिन अफ़सोस! बहुत से लोग दुनिया में इसे न पढ़कर और न
इनमें से कौन-सा शख़्स रोज़-ए-क़यामत अंधा उठाया जाएगा? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना बरकतों और रहमतों से भरा हुआ है। लेकिन रोज़े का असल मक़सद सिर्फ भूखे-प्यासे रहना या इफ़्तार की दावतें करना नहीं है,
रोज़े का असल मक़सद क्या है? जवाब देखे »
इस्लाम में रोज़ा एक इबादत है, लेकिन इसका मक़सद और निशाना साफ़ तौर पर अल्लाह तआला की रज़ा हासिल करना है। रोज़ा दिखावे या रस्म
रोज़ा किसके लिए रखा जाता है? जवाब देखे »
इंसान की ज़िंदगी उतार-चढ़ाव और मुश्किलों से भरी हुई है। कभी तंगी, कभी बीमारी, कभी मुसीबत – यह सब अल्लाह की तरफ़ से इम्तिहान होते
जब अल्लाह किसी को मुश्किलों में डाल दे तो उसे कौन निजात दिलाने पर क़ादिर है? जवाब देखे »
इस्लाम में निकाह एक पाक और मुक़द्दस इबादत है, जिसमें महर औरत का हक़ है। अगर पति तय किया हुआ महर अदा नहीं करता, तो
तय किया हुआ महर अगर शौहर अदा न करे तो वो कौन-से गुनाह का मुरतकिब होगा? जवाब देखे »
मोहब्बत इंसान की फ़ितरत है, लेकिन एक मोमिन की मोहब्बत का सबसे ऊँचा दर्जा सिर्फ़ अल्लाह तआला के लिए होना चाहिए। यही असली ईमान की
मोमिनों को सबसे ज़्यादा मोहब्बत किससे होती है? जवाब देखे »
इस्लाम में शादी सिर्फ़ मोहब्बत और साथ के लिए नहीं, बल्कि ईमान को मजबूत करने का भी ज़रिया है। एक नेक बीवी पाने से इंसान
वो कौनसी नेयमत है जो बंदे को मिल जाए तो उसका आधा ईमान मुकम्मल हो जाए? जवाब देखे »
इस्लाम में मुसलमानों के बीच रिश्ता सिर्फ दोस्ती नहीं, बल्कि आइना जैसा होना चाहिए। आइए जानते हैं इस हदीस के मुताबिक इसका क्या मतलब है। सवाल: हदीस
हदीस के मुताबिक एक मुसलमान का दूसरे मुसलमान से रिश्ता क्या है? जवाब देखे »
इबादत हमेशा अल्लाह की रजा के लिए होनी चाहिए, न कि लोगों की तारीफ़ पाने के लिए। लेकिन कुछ काम ऐसे हैं जो दिखावे (रीया) के
इनमें से कौन सा अमल रीया यानी शिर्क-ए-असगर है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि क़ुरआन के नुज़ूल (उतारने) का असल मक़सद क्या है? क्या यह सिर्फ़ सवाब के लिए है या इंसानियत की हिदायत के लिए? इस लेख में
क़ुरआन के नुज़ूल का असल मक़सद क्या है? जवाब देखे »
हर इंसान की सबसे बड़ी तमन्ना है कि आख़िरत में कामयाबी हासिल हो। लेकिन क्या सिर्फ़ नेक काम काफी हैं? या सिर्फ़ ईमान लाना ही
क़ुरआन के मुताबिक़ इन में से किस चीज़ के बग़ैर आख़िरत की कामयाबी मुमकिन नहीं? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि नबी ﷺ का नाम सुनने के बाद अगर कोई दुरूद न पढ़े तो क्या वह माफ़ है? बहुत से
वो कौन लोग हैं जो नबी ﷺ के ज़िक्र पर आपके नाम के साथ दुरूद न भी पढ़ें तो माफ़ हैं? जवाब देखे »
दज्जाल का फ़ितना क़यामत की बड़ी अलामतों में से एक है और इससे बचना हर मुसलमान के लिए बेहद ज़रूरी है। अल्लाह के रसूल ﷺ
वो कौन-सी सूरह है जो मुसलमानों को दज्जाल के फ़ितने से बचाने के लिए काफ़ी है? जवाब देखे »
क़यामत का दिन वह दिन है जब हर इंसान को अपने आमाल का हिसाब देना होगा। उस दिन इंसान की छोटी-बड़ी सब ज़िम्मेदारियाँ खुलकर सामने
क़यामत के दिन सबसे पहले जो मामला हाज़िर किया जाएगा वो किन का होगा? जवाब देखे »
इस्लाम में अज़कार (अल्लाह की याद) की बहुत अहमियत है। हर कलिमा का एक ख़ास मकाम और फज़ीलत है। हदीसों में कुछ अज़कार को ख़ास
इनमें से कौन से अज़कार को कलमा-ए-शुक्र कहा गया है? जवाब देखे »
फज्र की नमाज़ इस्लाम में सबसे अहम नमाज़ों में से है। लेकिन जो मुसलमान फज्र की नमाज़ को छोड़ देता है, उसके बारे में हदीस
इनमें से शैतान किसके कान में पेशाब कर देता है? जवाब देखे »
हर उम्मत को अल्लाह तआला ने किसी न किसी चीज़ में आज़माया। उम्मते मोहम्मदिया ﷺ की आज़माइश भी अल्लाह ने एक ख़ास चीज़ में रखी
इस्लाम की पहली और सबसे अज़ीम ख़ातून, उम्मुल मोमिनीन हज़रत ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा) को अल्लाह तआला की तरफ़ से सलाम भेजा गया। यह उनकी बुलंदी और शान
वो कोन सी ख़ातून हैं जिनको अल्लाह तआला ने सलाम भेजा? जवाब देखे »