Author name: Nashra Shaikh

नशरा शेख ummat-e-nabi.com की एक इस्लामिक कंटेंट राइटर हैं। उनका शौक़ कुरआन और हदीस से साबित इस्लामी सवाल-जवाब और ऐसे पोस्ट तैयार करना है जो उम्मत के लिए फ़ायदेमंद साबित हों। उनका मक़सद वाज़ेह और सक़ारात्मक अंदाज़ में इल्म को आम करना है।

नेिक लोगों के आमाल जिनमें लिखे जाते हैं, उसे क्या कहते हैं?

हर इंसान का हर अच्छा या बुरा काम अल्लाह तआला के हाँ दर्ज होता है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेकी करने वालों (नेक लोगों) के आमाल किस जगह […]

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नमाज़ में क़ुरआन भुला देने वाले शैतान का नाम क्या है?

क्या कभी आपने नमाज़ में ध्यान भटकते हुए या क़ुरआन की आयतें भूलते हुए महसूस किया है?ये भूलना सिर्फ़ लापरवाही नहीं — बल्कि एक ख़ास शैतान

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रसूल-ए-अल्लाह ﷺ ने किन लोगों के लिए फरमाया कि उन्हें कभी माफ़ नहीं किया जाएगा?

अल्लाह तआला बहुत रहम वाला है। वह अपने बंदों के गुनाह माफ़ कर देता है जब वे सच्चे दिल से तौबा करते हैं।लेकिन इस्लाम में

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पहाड़ कौन से नबी के साथ मिलकर अल्लाह की तस्बीह किया करते थे?

अल्लाह तआला की ताक़त और क़ुदरत का कोई मुकाबला नहीं।वह अपने चुनिंदा नबियों को ऐसी निशानियाँ देता है जिनसे उसकी महानता ज़ाहिर होती है।क्या आप

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रसूलअल्लाह ﷺ ने कौन से सहाबी के लिए यह फरमाया कि वे मेरी उम्मत में दीनी मामलों में सबसे ज़्यादा सख्त हैं?

रसूलअल्लाह ﷺ के हर सहाबी की कोई न कोई ख़ास खूबी थी — किसी में रहमदिल मिज़ाज, किसी में इल्म, किसी में हया, तो किसी

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रसूलअल्लाह ﷺ की हदीस के हिसाब से लोगों की इमामत का ज़्यादा हक़दार कौन है?

नमाज़ मुसलमानों की सबसे अहम इबादत है, और इमामत यानी नमाज़ की क़ियादत करना एक बड़ी ज़िम्मेदारी है।लेकिन सवाल ये है कि लोगों में इमामत का हकदार कौन

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मेराज की रात रसूल-अल्लह ﷺ की मुलाकात दूसरे आसमान पर किस नबी से हुई?

इसरा व मेराज की रात अल्लाह तआला ने अपने प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ को आसमानों की सैर कराई। हर आसमान पर नबी ﷺ की मुलाकात

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वो कौन-सी सूरह है जिसकी पहली आयत में अल्लाह सुब्हानहु ने दो खाने की चीज़ों की क़सम खाई है?

क़ुरआन मजीद में कई जगह अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत की निशानियों की क़सम खाई है। लेकिन एक सूरह ऐसी भी है जिसमें अल्लाह ने दो

वो कौन-सी सूरह है जिसकी पहली आयत में अल्लाह सुब्हानहु ने दो खाने की चीज़ों की क़सम खाई है? जवाब देखे »

इनमें से क़ुरआन की कौन-सी सूरह में याजूज-माजूज का क़िस्सा बयान किया गया है?

क़ुरआन मजीद में कई ऐसी क़ौमें और घटनाएँ बयान की गई हैं जिनसे इंसान इबरत हासिल कर सके। उन्हीं में से एक है याजूज और माजूज

इनमें से क़ुरआन की कौन-सी सूरह में याजूज-माजूज का क़िस्सा बयान किया गया है? जवाब देखे »

उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”?

इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम ऐसे हैं जिनकी बहादुरी और ईमानदारी की मिसालें आज तक दी जाती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि एक

उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”? जवाब देखे »

रसूलुल्लाह ﷺ ने किस जगह के लिए फरमाया: “वहाँ ज़लज़ले और फ़ितने होंगे और शैतान का सिंग वहीं से तूलू होगा”?

नबी-ए-पाक ﷺ की कई हदीसों में आने वाले फितनों (परेशानियों) और भूकम्पों का ज़िक्र मिलता है। एक हदीस में आपने ﷺ ने एक ख़ास जगह के बारे में फरमाया

रसूलुल्लाह ﷺ ने किस जगह के लिए फरमाया: “वहाँ ज़लज़ले और फ़ितने होंगे और शैतान का सिंग वहीं से तूलू होगा”? जवाब देखे »

रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया, जब तुम लोग जनाज़ा देखो तो क्या करना चाहिए?

इस्लाम में जनाज़े (मय्यत के निकलने) के आदाब बहुत अहमियत रखते हैं। जनाज़े को देखकर इंसान को मौत की याद आती है और आखिरत का एहसास होता

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“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” वो कौन लोग हैं?

इस्लाम में यतीम (अनाथ) बच्चों के हक़ की हिफ़ाज़त पर बहुत ज़ोर दिया गया है।अल्लाह तआला ने क़ुरआन में उन लोगों को सख्त चेतावनी दी है जो

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अशरा-ए-जिलहिज्जा का ज़िक्र क़ुरआन की किस सूरह में आया है?

इस्लाम में जिलहिज्जा के पहले दस दिन (अशरा-ए-जिलहिज्जा) बहुत बरकत और फ़ज़ीलत वाले माने गए हैं।ये वो दिन हैं जिनमें अल्लाह तआला को नेक अमल और इबादतें

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अबू जहल कौन-से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ?

इस्लाम के शुरुआती दौर में अबू जहल इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता था।उसकी जिद, घमंड और नफ़रत ने उसे उस मुक़ाम तक पहुँचा दिया

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जंग-ए-बद्र में किसने कहा: “आज कोई तुम पर ग़ालिब नहीं होगा, मैं तुम्हारा हिमायती हूँ”?

इस्लामी इतिहास की सबसे अहम जंग — ग़ज़वा-ए-बद्र — में एक ऐसा वाक़या भी हुआ जो हक़ और बातिल के फ़र्क़ को हमेशा के लिए बयान कर गया।इस जंग

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असहाब-उल-हिज्र कौन थे?

क़ुरआन में कई क़ौमों का ज़िक्र आता है जो अपनी नाफ़रमानी की वजह से हलाक कर दी गईं।ऐसी ही एक क़ौम थी — असहाब-उल-हिज्र जिन्होंने पहाड़ों

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वो कौनसे सहाबी थे जो ग़ज़वा-ए-बद्र में शामिल नहीं हुए फिर भी उन्हें सवाब मिला?

इस्लामी इतिहास में ग़ज़वा-ए-बद्र एक ऐसा मुक़द्दस मौक़ा है, जहाँ मुसलमानों ने अल्लाह की मदद से एक बड़ी जीत हासिल की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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रसूलुल्लाह ﷺ की कुन्नियत क्या है?

नबी-ए-पाक ﷺ के मुबारक नाम और उपाधियाँ (कुन्नियत) मुसलमानों के लिए इल्म और अदब का अहम हिस्सा हैं। कुन्नियत उस नाम को कहा जाता है

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ज़क्कूम क्या है?

क़ुरआन में “ज़क्कूम” का ज़िक्र एक भयानक दरख़्त के रूप में आया है, जो जहन्नम (नर्क) में उगेगा। यह दरख़्त दोज़ख़ियों का खाना होगा — यानी उन लोगों का अज़ाब जो

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वो कौनसे नबी हैं जिन्होंने ज़ालिम बादशाह से कहा: “मेरा रब वो है जो ज़िंदा करता है और मारता है”?

सवाल: वो कौनसे नबी हैं जिन्होंने ज़ालिम बादशाह से कहा: “मेरा रब वो है जो ज़िंदा करता है और मारता है”?

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कौन सा ऐसा अमल है जो अल्लाह के इतने क़रीब कर देता है कि अल्लाह बंदे की सुनने, देखने, पकड़ने और चलने में उसकी मदद करता है?

“नफ़्ल इबादतें इंसान को अल्लाह के इतना क़रीब कर देती हैं कि अल्लाह तआला उसकी सुनने, देखने और चलने में रहनुमाई फ़रमाता है। जानिए कौन

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मरहूम (दुनिया से चले गए) रिश्तेदार की तरफ से कौन-कौन से अमल किए जा सकते हैं?

यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि हम अपने मरहूम रिश्तेदारों की तरफ से कौन-से नेक अमल कर सकते हैं जिनका सवाब उन्हें पहुँचे?हदीस से इसका

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वह क्या है जो किसी को माफ़ करने पर बढ़ा दिया जाता है?

किसी को माफ़ करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन इस्लाम सिखाता है कि माफी देने वाला इंसान अल्लाह के यहाँ बहुत बुलंद दर्जा पाता है।

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रसूलअल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: “मैं शैतान को वहाँ घुसते देखता हूँ जैसे बकरी का बच्चा घुस जाता है।” यह किस स्थान के बारे में फ़रमाया गया?

नमाज़ सिर्फ़ सज्दा और रुकू का नाम नहीं, बल्कि एकता, अनुशासन और दिलों को जोड़ने का तरीका है। लेकिन नमाज़ की सफ़ में छोड़ी गई

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तकलीफ़ों से तंग आकर मौत की तमन्ना करना कैसा है?

कभी-कभी इंसान ज़िंदगी की तकलीफ़ों से इतना टूट जाता है कि उसे मौत आसान लगने लगती है। लेकिन इस्लाम इंसान को मायूसी में नहीं गिरने

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कौन-सी उम्मत 70 उम्मतों को मुकम्मल करने वाली है?

इस्लाम की उम्मत को अल्लाह ने बेइंतहा फ़ज़ीलतें दी हैं। कई हदीसों में बताया गया है कि उम्मते-मुहम्मद ﷺ का दर्जा पिछली तमाम उम्मतों से

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वो कौनसे नबी की क़ौम के लोग थे जिनको अल्लाह सुब्हानहु ने अज़ाब नाज़िल करके मौत दे दी और फिर से इनको ज़िंदा कर दिया?

क्या आपने कभी सोचा है कि मौत के बाद ज़िंदगी का मज़ाक उड़ाने वालों को अल्लाह ने कैसे जवाब दिया? क़ुरान में एक ऐसा वाक़या

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फरिश्ते जिब्रील (अलैहिस्सलाम) एक मर्तबा एक रेशमी कपड़े में एक तस्वीर लेकर नबी ﷺ के पास आए और फरमाया कि ये आपकी दुनिया और आखिरत में बीवी है, उनका नाम क्या है?

पैगंबर मुहम्मद ﷺ का पवित्र जीवन कई अद्भुत घटनाओं और चमत्कारों से भरा है। उनके नबी होने के दावे को पुष्ट करने के लिए अल्लाह

फरिश्ते जिब्रील (अलैहिस्सलाम) एक मर्तबा एक रेशमी कपड़े में एक तस्वीर लेकर नबी ﷺ के पास आए और फरमाया कि ये आपकी दुनिया और आखिरत में बीवी है, उनका नाम क्या है? जवाब देखे »