रमज़ान का महीना रहमत, बरकत और मग़फ़िरत का मौसम है। इस मुबारक महीने में अल्लाह तआला अपने बंदों पर इतनी रहमत बरसाता है कि जन्नत के दरवाज़े पूरी तरह खोल दिए जाते हैं और जहन्नम के दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं।
सवाल: रमज़ान के महीने में जन्नत के कितने दरवाज़े खोल दिए जाते हैं?
- A. 2 दरवाज़े
- B. 4 दरवाज़े
- C. 6 दरवाज़े
- D. 8 दरवाज़े
सही जवाब है: ऑप्शन D , 8 दरवाज़े
तफ़सील (विवरण):
दलील
۞ हदीस: रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फरमाया:
“रमज़ान का महीना जो ही आता है, जन्नत के तमाम दरवाज़े खोल दिए जाते हैं (यहाँ तक कि एक भी बंद नहीं रहता), जहन्नम के तमाम दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं (यहाँ तक कि एक भी खुला नहीं रहता) और तमाम सर्कश जिन्न और शैतान क़ैद कर लिए जाते हैं…”
📕 सहीह अल-बुखारी 1899
अहादीस से मालूम होता है कि जन्नत के 8 दरवाज़े हैं [सहीह बुखारी, जिल्द 3, हदीस 1896], और ये सारे दरवाज़े रमज़ान के महीने में खोल दिए जाते हैं। यानी इस महीने में नेकियों को करना आसान बना दिया जाता है।
अल्लाह तआला हमें कहने-सुनने से ज़्यादा अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन, अल्लाहुम्मा आमीन।


