क़ुरबानी हर मुसलमान के लिए एक महत्वपूर्ण इबादत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अल्लाह तआला तक हमारी क़ुरबानियों का कौन सा हिस्सा पहुँचता है?
सवाल: अल्लाह तआला को हमारी क़ुरबानियों का कौन सा हिस्सा पहुँचता है?
- A. ख़ून
- B. गोश्त
- C. तक़्वा
- D. सही जवाब का इंतज़ार
सही जवाब है: ऑप्शन C , तक़्वा
तफ़सील (विवरण):
📜 दलील (क़ुरान से)
क़ुरआन:
“अल्लाह तआला को तुम्हारी क़ुरबानियों का गोश्त नहीं पहुँचता, न उनका ख़ून; बल्कि उसे तो तुम्हारे दिल की परहेज़गारी (तक़्वा) पहुँचती है।”
📕 सूरह अल-हज्ज, 22:37
🕌 सबक और तफ़सीर
- क़ुरबानी का असली मक़सद दिल की पवित्रता और तक़्वा है, न कि सिर्फ़ गोश्त या ख़ून।
- यह हमें याद दिलाती है कि हर इबादत का मुख्य उद्देश्य अल्लाह की रज़ा और परहेज़गारी होना चाहिए।
- क़ुरबानी के दौरान दिल और नियत की साफ़ी पर ज़्यादा ध्यान दें, और अल्लाह के लिए खुद को समर्पित करें।
🤲 दुआ
- ऐ अल्लाह! हमारी क़ुरबानियों को सिर्फ़ तेरी रज़ा के लिए क़बूल फ़रमा।
- हमारे दिलों को साफ़ और हमारे इरादों को नेक फ़रमा।
- हमें हर इबादत में तक़्वा की समझ अता फ़रमा।
आमीन 🌹


