क़यामत के दिन सबसे लंबी गर्दन किसकी होगी?
अज़ान देना सिर्फ़ नमाज़ की पुकार नहीं, बल्कि इस्लाम की पहचान और ईमान की गवाही है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने अज़ान देने वालों को […]
क़यामत के दिन सबसे लंबी गर्दन किसकी होगी? जवाब देखे »
नमाज़, रोज़ा, ज़कात और हज जैसे इबादत से जुड़े सभी सवाल और जवाब।
अज़ान देना सिर्फ़ नमाज़ की पुकार नहीं, बल्कि इस्लाम की पहचान और ईमान की गवाही है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने अज़ान देने वालों को […]
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अल्लाह तआला अपने बन्दों पर बेहद रहम करने वाला है। वह हर रात आसमान-ए-दुनिया की तरफ नुज़ूल फ़रमाता है और खुद पुकार कर रहमत के दरवाज़े खोल
क्या कभी आपने नमाज़ में ध्यान भटकते हुए या क़ुरआन की आयतें भूलते हुए महसूस किया है?ये भूलना सिर्फ़ लापरवाही नहीं — बल्कि एक ख़ास शैतान
नमाज़ में क़ुरआन भुला देने वाले शैतान का नाम क्या है? जवाब देखे »
नमाज़ मुसलमानों की सबसे अहम इबादत है, और इमामत यानी नमाज़ की क़ियादत करना एक बड़ी ज़िम्मेदारी है।लेकिन सवाल ये है कि लोगों में इमामत का हकदार कौन
रसूलअल्लाह ﷺ की हदीस के हिसाब से लोगों की इमामत का ज़्यादा हक़दार कौन है? जवाब देखे »
इस्लाम में जिलहिज्जा के पहले दस दिन (अशरा-ए-जिलहिज्जा) बहुत बरकत और फ़ज़ीलत वाले माने गए हैं।ये वो दिन हैं जिनमें अल्लाह तआला को नेक अमल और इबादतें
अशरा-ए-जिलहिज्जा का ज़िक्र क़ुरआन की किस सूरह में आया है? जवाब देखे »
नमाज़ सिर्फ़ सज्दा और रुकू का नाम नहीं, बल्कि एकता, अनुशासन और दिलों को जोड़ने का तरीका है। लेकिन नमाज़ की सफ़ में छोड़ी गई
हमारा दिन कई छोटे-बड़े कामों से भरा होता है, और इस्लाम ने हमारे हर छोटे काम को इबादत बनाने का तरीका बताया है। इसमें यात्रा
वह कौन सी दुआ है जो लफ़्ज़ “सुब्हान” से शुरू होती है? जवाब देखे »
हमारे दिल एक बहुत ही नाजुक और याद रखने-भूलने वाले अंग हैं। जिस तरह एक बहुमूल्य चीज को सहेजकर न रखा जाए तो वह खो
वो क्या है जो इंसानों के दिल से इस तरह निकल जाता है जैसे कोई ऊँट भाग जाता है? जवाब देखे »
हम अक्सर नमाज़ अकेले पढ़ लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर सिर्फ एक और व्यक्ति को साथ लेकर जमात बना ली जाए,
हिजरी कैलेंडर, या इस्लामी कैलेंडर, मुसलमानों के धार्मिक जीवन का केंद्रबिंदु है। इसके हर महीने का अपना एक अलग महत्व और फज़ीलत है। जब भी
हिजरी कैलेंडर का कौनसा महीना रमज़ान कहलाता है? जवाब देखे »
कुरआन न सिर्फ हमारे लिए हिदायत है, बल्कि यह हर तरह के बुरे प्रभाव और नुकसान से हमारी हिफाज़त का ज़रिया भी है। पैगंबर मुहम्मद
हमारे हर हफ्ते में कुछ ऐसे दिन आते हैं जिनका इस्लाम में विशेष महत्व बताया गया है। इनमें से दो दिन ऐसे हैं जो हमें
ईमान और नेकी एक ऐसा सफर है जिसमें इंसान लगातार अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि
कौनसे अमल के लिए यह फरमाया कि जब तक तुम वो नहीं करोगे नेकी में कमाल हासिल नहीं कर सकते? जवाब देखे »
शादी (निकाह) करना एक अज़ीम इबादत और सुन्नत है, जो इंसान को बहुत-सी बुराइयों से बचाती है। लेकिन क्या हो अगर कोई निकाह करने की
जो निकाह की ताक़त न रखता हो उसको क्या करना चाहिए? जवाब देखे »
अक्सर हम मस्जिद में नमाज़ पढ़ते समय देखते हैं कि सफ़ों के बीच थोड़ा-बहुत गैप रह जाता है। यह छोटी-सी बात दिखने में मामूली लगती
नमाज़ की सफ़ों में अगर जगह (गैप) रह जाए, तो क्या नुक़सान होता है? जवाब देखे »
रमज़ान की मुबारक रातों में एक रात ऐसी होती है जो इंसान की पूरी ज़िंदगी बदल सकती है—शब-ए-क़द्र। बहुत से लोग पूछते हैं कि इस
शब-ए-क़द्र में इबादत का सवाब कितना है? जवाब देखे »
रमज़ान के महीने में रोज़ा रखते वक्त बहुत से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि —अगर नाक या मुँह से खून निकल आए,
मुँह या नाक से खून बहने से रोज़ा टूट जाता है? जवाब देखे »
रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना सिर्फ़ भूख-प्यास सहना नहीं, बल्कि नेकी और इनाम कमाने का सुनहरा मौक़ा है।लेकिन क्या आप जानते हैं — अगर आप किसी
किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराने वाले को क्या सवाब मिलेगा? जवाब देखे »
इस्लाम ने इंसान की फितरत और जरूरतों का पूरा खयाल रखा है। शादी (निकाह) इंसानी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है — ये नफ़्स की हिफाज़त,
जो निकाह की ताक़त नहीं रखता, उसे क्या करना चाहिए? जवाब देखे »
रमज़ान की रातें रहमत, मग़फ़िरत और बरकतों से भरपूर होती हैं। इन रातों में की जाने वाली इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता
रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना सिर्फ़ रोज़ों और इबादतों का नहीं, बल्कि यह वो मुबारक महीना है जिसमें क़ुरआन-ए-करीम का नुज़ूल हुआ — जो पूरी इंसानियत के लिए हिदायत और
रमज़ान के महीने में क़ुरआन का नुज़ूल किस सूरह में आया है? जवाब देखे »
हर मुसलमान का सपना है कि वह जन्नत में दाख़िल हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक आसान अमल से जन्नत के सारे 8
अल्लाह का ज़िक्र इंसान की ज़िंदगी को रोशन कर देता है। हर ज़िक्र का अपना सवाब और असर है, लेकिन कुछ अज़कार ऐसे हैं जिनके
इस्लाम में बहुत सी चीज़ें हलााल हैं, लेकिन कुछ अमल ऐसे हैं जो अल्लाह तआला को पसंद नहीं हैं। क्या आप जानते हैं कि सबसे
वो कौन सा अमल है जो हलााल तो है लेकिन अल्लाह तआला को सख़्त नापसंद है? जवाब देखे »
दुआ अल्लाह के साथ बंदे का सीधा रिश्ता है। लेकिन सवाल यह है कि सबसे अफ़ज़ल दुआ कौन-सी है? आइए, हदीस की रोशनी में इसका जवाब जानते
आहादीस के मुताबिक़ सबसे अफ़ज़ल दुआ कौन-सी है? जवाब देखे »
क्या आप जानते हैं कि इस्लाम का धर्म कब पूरी तरह मुकम्मल हुआ? यह जानना हर मुसलमान के लिए जरूरी है ताकि हम अपने आस्था और
दिन – ऐ – इस्लाम कब मुकम्मिल हुआ? जवाब देखे »
क्या आप जानते हैं कि अल्लाह ने मुसलमानों की उम्मत को सबसे बेहतरीन उम्मत क्यों बनाया? इसका मक़सद सिर्फ़ गर्व करना नहीं बल्कि लोगों तक नेक काम
अल्लाह तआला ने इस उम्मत को खैर उम्मत से इस लिए नवाज़ा क्योंकि? जवाब देखे »
शादी का फैसला जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।क्या आप जानते हैं कि निकााह में सबसे जरूरी आधार क्या होना चाहिए? सवाल: औरतों से निकाह
औरतों से निकाह किस चीज़ की बुनियाद पर करना सुन्नत है? जवाब देखे »
रमज़ान के महीने में एक ऐसी रात है जिसे “हज़ार महीनों से बेहतर” कहा गया है। यह रात बहुत ही मुबारक है क्योंकि इसी रात
शब-ए-कद्र की मुबारक रात रमज़ान के कौनसे अशरे में आती है? जवाब देखे »
इस्लाम में ईमान और कुफ्र दोनों ही एक-दूसरे के मुख़ालिफ़ हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी ख़ास इबादत है जिसे छोड़ने को
ईमान और कुफ्र के दरमियान फ़र्क करने वाली चीज़ क्या है? जवाब देखे »