सहीह बुखारी हदीस

जब अज़ान सुनो और ये अल्फ़ाज़ आए “हय्या अलस्सलाह” तो इन में से क्या कहना चाहिए?

जब अज़ान की पुकार गूँजती है, तो यह हमें अल्लाह की याद और नमाज़ की दावत की याद दिलाती है। लेकिन बहुत से लोग नहीं […]

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रोज़ेदार का इस्तक़बाल जन्नत के किस दरवाज़े से किया जाएगा?

रमज़ान का महीना सिर्फ़ रोज़े रखने का नहीं, बल्कि अल्लाह के क़रीब होने का भी बेहतरीन वक़्त है। इस महीने में अल्लाह तआला अपने खास

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रमज़ान के महीने में जन्नत के कितने दरवाज़े खोल दिए जाते हैं?

रमज़ान का महीना रहमत, बरकत और मग़फ़िरत का मौसम है। इस मुबारक महीने में अल्लाह तआला अपने बंदों पर इतनी रहमत बरसाता है कि जन्नत

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इनमें से कौन-से सहाबी के पास काबा शरीफ के दरवाज़े की कुंजी रहती थी?

काबा शरीफ इस्लाम की सबसे मुक़द्दस जगह है — जहां हर मुसलमान का दिल सजदे में झुकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि काबा शरीफ

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इनमें से वो क्या है जिसे अल्लाह सुब्हानहु सबसे ज़्यादा मतवज्जा होकर सुनते हैं?

क्या आपने कभी सोचा है कि अल्लाह तआला अपनी मख़लूक़ (बंदों) की कौन-सी बात को सबसे ज़्यादा ध्यान से सुनते हैं?हर इंसान की दुआ, इबादत और ज़िक्र

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फ़तेह मक्का के दिन आप ﷺ अपनी ऊँटनी पर सवार होकर कौन-सी सूरह की तिलावत फरमा रहे थे?

फ़तेह मक्का इस्लाम के इतिहास का वह मुक़द्दस लम्हा था जब रहमतुल्लिल आलमीन ﷺ अपने सिर को झुकाए, अल्लाह की हम्द करते हुए मक्का में दाख़िल हुए।इस

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अल्लाह सुब्हानहु कौन-सी रात आसमान-ए-दुनिया की तरफ नुज़ूल फ़रमाता है और कहता है: “कौन है जो मुझसे दुआ करे कि मैं उसकी दुआ क़बूल करूं?”

अल्लाह तआला अपने बन्दों पर बेहद रहम करने वाला है। वह हर रात आसमान-ए-दुनिया की तरफ नुज़ूल फ़रमाता है और खुद पुकार कर रहमत के दरवाज़े खोल

अल्लाह सुब्हानहु कौन-सी रात आसमान-ए-दुनिया की तरफ नुज़ूल फ़रमाता है और कहता है: “कौन है जो मुझसे दुआ करे कि मैं उसकी दुआ क़बूल करूं?” जवाब देखे »

उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”?

इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम ऐसे हैं जिनकी बहादुरी और ईमानदारी की मिसालें आज तक दी जाती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि एक

उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”? जवाब देखे »

रसूलुल्लाह ﷺ ने किस जगह के लिए फरमाया: “वहाँ ज़लज़ले और फ़ितने होंगे और शैतान का सिंग वहीं से तूलू होगा”?

नबी-ए-पाक ﷺ की कई हदीसों में आने वाले फितनों (परेशानियों) और भूकम्पों का ज़िक्र मिलता है। एक हदीस में आपने ﷺ ने एक ख़ास जगह के बारे में फरमाया

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रसूलअल्लाह ﷺ ने फरमाया “ईमान सिमट कर ………….. में इस तरह आ जाएगा जैसे साँप सिमट कर बिल में आ जाता है”

कयामत के नज़दीक आने से पहले दुनिया में बड़े बड़े फितने और अफरा-तफरी फैलेगी। ऐसे में सच्चा ईमान दुर्लभ होता जाएगा। लेकिन क्या आप जानते

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मेराज की रात रसूलअल्लाह (ﷺ) की मुलाकात हारून (अलैहिस्सलाम) से कौनसे आसमान पर हुई?

मेराज का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अनूठा और चमत्कारिक पल है, जब रसूलअल्लाह ﷺ को आसमानों की सैर कराई गई। इस यात्रा में आपने

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वो क्या है जो इंसानों के दिल से इस तरह निकल जाता है जैसे कोई ऊँट भाग जाता है?

हमारे दिल एक बहुत ही नाजुक और याद रखने-भूलने वाले अंग हैं। जिस तरह एक बहुमूल्य चीज को सहेजकर न रखा जाए तो वह खो

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वो कौनसा गुनाह है जिसका कोई न कोई हिस्सा अल्लाह ने इंसान के लिए लिख दिया है?

इंसान की फितरत में अच्छाई और बुराई दोनों के बीज मौजूद हैं। इस्लाम हमें हर तरह के गुनाह से बचने की ताकीद करता है, लेकिन

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जिब्रील अलैहिस्सलाम अकसर कौनसे सहाबी की सूरत में रसूल-ए-अल्लाह ﷺ के पास तशरीफ़ लाया करते थे?

अल्लाह के फरिश्तों में सबसे मुक़र्रब फरिश्ता हैं — जिब्रील (अलैहिस्सलाम)। वो वही फरिश्ता हैं जो अल्लाह के हुक्म से वही लेकर नबी ﷺ के पास आते

जिब्रील अलैहिस्सलाम अकसर कौनसे सहाबी की सूरत में रसूल-ए-अल्लाह ﷺ के पास तशरीफ़ लाया करते थे? जवाब देखे »

वो कौन सी सहाबिया थीं जो रसूल-अल्लाह ﷺ का पसीना मुबारक बरकत के लिए इस्तेमाल करती थीं?

इस्लाम के सुनहरे इतिहास में बहुत सी सहाबियात ((रज़ियल्लाहु अन्हा)) ऐसी गुज़री हैं जिन्होंने रसूल-अल्लाह ﷺ से बेपनाह मोहब्बत की।उनकी अकीदत (श्रद्धा) और मोहब्बत का

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रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है?

रमज़ान की रातें रहमत, मग़फ़िरत और बरकतों से भरपूर होती हैं। इन रातों में की जाने वाली इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता

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