क़ुरआन के नुज़ूल का असल मक़सद क्या है?
क्या आपने कभी सोचा है कि क़ुरआन के नुज़ूल (उतारने) का असल मक़सद क्या है? क्या यह सिर्फ़ सवाब के लिए है या इंसानियत की हिदायत के लिए? इस लेख में […]
क़ुरआन के नुज़ूल का असल मक़सद क्या है? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि क़ुरआन के नुज़ूल (उतारने) का असल मक़सद क्या है? क्या यह सिर्फ़ सवाब के लिए है या इंसानियत की हिदायत के लिए? इस लेख में […]
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हर इंसान की सबसे बड़ी तमन्ना है कि आख़िरत में कामयाबी हासिल हो। लेकिन क्या सिर्फ़ नेक काम काफी हैं? या सिर्फ़ ईमान लाना ही
क़ुरआन के मुताबिक़ इन में से किस चीज़ के बग़ैर आख़िरत की कामयाबी मुमकिन नहीं? जवाब देखे »
क्या आपने कभी सोचा है कि नबी ﷺ का नाम सुनने के बाद अगर कोई दुरूद न पढ़े तो क्या वह माफ़ है? बहुत से
वो कौन लोग हैं जो नबी ﷺ के ज़िक्र पर आपके नाम के साथ दुरूद न भी पढ़ें तो माफ़ हैं? जवाब देखे »
दज्जाल का फ़ितना क़यामत की बड़ी अलामतों में से एक है और इससे बचना हर मुसलमान के लिए बेहद ज़रूरी है। अल्लाह के रसूल ﷺ
वो कौन-सी सूरह है जो मुसलमानों को दज्जाल के फ़ितने से बचाने के लिए काफ़ी है? जवाब देखे »
क़यामत का दिन वह दिन है जब हर इंसान को अपने आमाल का हिसाब देना होगा। उस दिन इंसान की छोटी-बड़ी सब ज़िम्मेदारियाँ खुलकर सामने
क़यामत के दिन सबसे पहले जो मामला हाज़िर किया जाएगा वो किन का होगा? जवाब देखे »
इस्लाम में अज़कार (अल्लाह की याद) की बहुत अहमियत है। हर कलिमा का एक ख़ास मकाम और फज़ीलत है। हदीसों में कुछ अज़कार को ख़ास
इनमें से कौन से अज़कार को कलमा-ए-शुक्र कहा गया है? जवाब देखे »
फज्र की नमाज़ इस्लाम में सबसे अहम नमाज़ों में से है। लेकिन जो मुसलमान फज्र की नमाज़ को छोड़ देता है, उसके बारे में हदीस
इनमें से शैतान किसके कान में पेशाब कर देता है? जवाब देखे »
हर उम्मत को अल्लाह तआला ने किसी न किसी चीज़ में आज़माया। उम्मते मोहम्मदिया ﷺ की आज़माइश भी अल्लाह ने एक ख़ास चीज़ में रखी
इस्लाम की पहली और सबसे अज़ीम ख़ातून, उम्मुल मोमिनीन हज़रत ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा) को अल्लाह तआला की तरफ़ से सलाम भेजा गया। यह उनकी बुलंदी और शान
वो कोन सी ख़ातून हैं जिनको अल्लाह तआला ने सलाम भेजा? जवाब देखे »
हर इंसान की ज़िंदगी में ग़म और परेशानियाँ आती हैं। ऐसे में अक्सर लोग इंसानों के सामने अपनी फरियाद रखते हैं। लेकिन क़ुरान हमें यह
हमारे शरीर का सबसे अहम अंग कौन सा है? क्या यह दिमाग़ है, आँखें हैं या फिर दिल? इस्लामिक शिक्षाओं के अनुसार, एक ऐसा अंग
क़ुरआन-ए-करीम में अल्लाह ने उन लोगों का ज़िक्र किया है जो दूसरों को उसकी राह से रोकते हैं। यह गुनाह इतना बड़ा है कि उन्हें
अल्लाह की राह से रोकने वाले को क़ुरान में क्या कहा गया है? जवाब देखे »
मीराज़ का वाक़िया इस्लामी इतिहास का एक अहम और इबरतअंगेज़ वाक़िया है। इसमें नबी-ए-करीम ﷺ को जन्नत और जहन्नम के कई मंज़र दिखाए गए। उन्हीं
दुनिया में जितने भी नबी (अलैहिस्सलाम) आए, सभी ने इंसानों को तौहीद की दावत दी और अल्लाह की इबादत का हुक्म दिया। हर नबी की कौम ने
हर नेक अमल का इंसान को दुनिया और आख़िरत में बड़ा इनाम मिलता है। लेकिन कुछ ख़ास अमल ऐसे हैं जिनकी फ़ज़ीलत इतनी अज़ीम है
क़ुरान-ए-करीम की हर आयत हिदायत और रहमत का ख़ज़ाना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क़ुरान की सबसे लंबी आयत कौन सी है और
क़ुरान-ए-करीम की सबसे बड़ी आयत किस सूरह में है? जवाब देखे »
इस्लाम ने हमें न सिर्फ़ इबादत का तरीका सिखाया बल्कि खाने-पीने और रहने-सहन के भी शरई उसूल बताए। इन्हीं उसूलों में से एक बड़ा अहम
वो कौन हैं जो अपने पेट में गटागट जहन्नुम की आग भर रहे हैं? जवाब देखे »
इस्लाम ने औरत को इज़्ज़त और हक़ दिए हैं, लेकिन साथ ही कुछ जिम्मेदारियाँ भी रखी हैं। खासतौर पर शादीशुदा ज़िंदगी में बीवी और शौहर
औरत अपने रब का हक़ अदा नहीं कर सकती जब तक वो किसी और का हक़ अदा न कर ले, पर किसका? जवाब देखे »
हर इंसान की ख्वाहिश होती है कि वो जन्नत का हक़दार बने। लेकिन सवाल ये है कि कौन सा अमल सबसे ज्यादा जन्नत में जाने
कौन सी चीज़ जन्नत में जाने की ज़्यादा वजह बनेगी? जवाब देखे »
क़ुरान-ए-करीम अल्लाह की किताब है जिसमें हर आयत इंसानों के लिए रहनुमाई और सबक़ है। कुछ सूरहों में आयात का बार-बार दोहराया जाना हमें गहरी
क़ुरान-ए-करीम में वो कौन सी सूरह है जिसमें एक ही आयत-ए-करीमा 31 बार आई है? जवाब देखे »
क़ुरान को याद करना बहुत बड़ा शरफ़ है, लेकिन इसे संभालकर रखना और उसकी हिफ़ाज़त करना उससे भी ज़्यादा अहम है। नबी-ए-करीम ﷺ ने हाफ़िज़-ए-क़ुरान
क़ियामत के दिन हर इंसान के आमाल (अच्छे और बुरे काम) का हिसाब-किताब होगा। उस दिन मोमिन के तराज़ू में कौन सा अमल सबसे भारी
क़ियामत के दिन मोमिन का मीज़ान (तराज़ू) में सबसे वज़नदार अमल कौन सा होगा? जवाब देखे »
सूरह काफ़िरून की फज़ीलत, शिर्क से बचाव, सोने से पहले की दुआ, हदीस इन हिंदी, इस्लामी जानकारी, इस्लामिक सवाल जवाब हिंदी, क़ुरान की सूरह का
क्या आप जानते हैं कि अल्लाह तआला हर रात अपने बंदों से ख़ास अंदाज़ में रहमत और मग़फिरत की पुकार करता है? ये कोई एक
हर इंसान ये जानना चाहता है कि उसकी तक़दीर यानी रिज़्क, उम्र और मौत का वक्त कब लिखा जाता है। इस्लाम हमें बताता है कि ये सब एक मुबारक रात में
किस रात में इंसान की तक़दीर यानी रिज़्क, उम्र और मौत का वक्त लिखा जाता है? जवाब देखे »
रमज़ान का महीना मुसलमानों के लिए बरकतों, रहमतों और मग़फिरत का महीना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिजरी कैलेंडर में रमज़ान कौन से नंबर का
हिजरी कैलेंडर का कौनसा महीना रमज़ान कहलाता है? जवाब देखे »
शब-ए-क़द्र (लैलतुल क़द्र) इस्लाम की सबसे मुबारक रातों में से एक है। यह वह रात है जिसमें क़ुरआन-ए-करीम का नुज़ूल हुआ और जिसमें बंदे की
शब-ए-क़द्र को क़ुरआन में किस से बेहतर कहा गया है? जवाब देखे »
ईद उल-फ़ित्र सिर्फ़ खुशी का दिन नहीं, बल्कि इंसानियत और हिकमत का भी दिन है। इस दिन मुसलमानों पर एक अहम ज़िम्मेदारी होती है — सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा
सदक़ा-ए-फ़ित्र कब अदा किया जाए? जवाब देखे »
रमज़ानुल मुबारक का महीना बरकतों और रहमतों से भरा होता है, लेकिन इसकी एक रात ऐसी है जो सारी रातों की सरदार है — शब-ए-क़द्र। यह
किस रात जिब्रील अलैहिस्सलाम और फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से ज़मीन पर उतरते हैं? जवाब देखे »
ज़कात इस्लाम का एक अहम स्तंभ है जो समाज में बराबरी और रहमत का कारण बनता है। लेकिन जो लोग ज़कात अदा नहीं करते, उनके
क़यामत के दिन गंजे साँप का तौक़ किस शख़्स को पहनाया जाएगा? जवाब देखे »