क़ुरान और हदीस

क़ुरान की आयतों और हदीस से संबंधित सभी सवालों के लिए।

सहाबा ने रमज़ान में रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ तरावीह कितनी रात पढ़ी?

हर साल रमज़ान में यह सवाल ज़रूर उठता है कि सहाबा ने रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ कितनी रात तरावीह अदा की थी। आइए इस मुकम्मल […]

सहाबा ने रमज़ान में रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ तरावीह कितनी रात पढ़ी? जवाब देखे »

वो क्या है जिसे कुछ लोग इस तरह ठीक करेंगे जैसे तीर को दुरुस्त किया जाता है, क्योंकि वो उसकी जज़ा (इनाम) दुनिया में ही चाहेंगे?

कुरआन सिर्फ ज़ुबान से पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि दिल से समझने और अमल करने की किताब है। लेकिन रसूलअल्लाह ﷺ ने ऐसे लोगों के

वो क्या है जिसे कुछ लोग इस तरह ठीक करेंगे जैसे तीर को दुरुस्त किया जाता है, क्योंकि वो उसकी जज़ा (इनाम) दुनिया में ही चाहेंगे? जवाब देखे »

इन में से किसके ज़रिए अल्लाह सुब्हानहु किसी क़ौम को बुलंदी या ज़िल्लत देता है?

कुरआन सिर्फ़ तिलावत करने की किताब नहीं, बल्कि ज़िंदगी बदल देने वाला कलाम है। इस पर अमल करने से अल्लाह तआला क़ौमों को ऊँचाई देता

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रोज़ेदार के सामने जब खाना खाया जाए और वो सब्र करें तो क्या होता है?

रोज़ा सिर्फ़ भूख और प्यास से रुकने का नाम नहीं, बल्कि यह सब्र, तहम्मुल और अल्लाह की रज़ा हासिल करने का ज़रिया है। अल्लाह तआला

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कुरआन की किस सूरह में अल्लाह ने फ़रमाया कि “तुम सब अल्लाह के मोहताज और फ़क़ीर हो”?

इंसान अक़्सर अपने इल्म, माल या ताक़त पर ग़ुरूर कर बैठता है, लेकिन कुरआन मजीद हमें बार-बार याद दिलाता है कि असल में हम सब

कुरआन की किस सूरह में अल्लाह ने फ़रमाया कि “तुम सब अल्लाह के मोहताज और फ़क़ीर हो”? जवाब देखे »

रोज़ेदार का इस्तक़बाल जन्नत के किस दरवाज़े से किया जाएगा?

रमज़ान का महीना सिर्फ़ रोज़े रखने का नहीं, बल्कि अल्लाह के क़रीब होने का भी बेहतरीन वक़्त है। इस महीने में अल्लाह तआला अपने खास

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अल्लाह सुब्हानहु ने क़ुरान करीम में “तलाउ़न नदीद” लफ़्ज़ किसके लिए इस्तेमाल किया है?

क़ुरान-ए-करीम में अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत की कई निशानियाँ बयान की हैं — आसमान से बारिश, ज़मीन से उगती फ़सलें और खजूर के दरख्त

अल्लाह सुब्हानहु ने क़ुरान करीम में “तलाउ़न नदीद” लफ़्ज़ किसके लिए इस्तेमाल किया है? जवाब देखे »

रमज़ान के महीने में जन्नत के कितने दरवाज़े खोल दिए जाते हैं?

रमज़ान का महीना रहमत, बरकत और मग़फ़िरत का मौसम है। इस मुबारक महीने में अल्लाह तआला अपने बंदों पर इतनी रहमत बरसाता है कि जन्नत

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रमज़ान की (रातों में) नमाज़ पढ़ने की फ़ज़ीलत क्या है?

रमज़ान की रातें अल्लाह की रहमतों से भरी होती हैं। बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि इन रातों में की जाने वाली नमाज़

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इनमें से वो क्या है जिसे अल्लाह सुब्हानहु सबसे ज़्यादा मतवज्जा होकर सुनते हैं?

क्या आपने कभी सोचा है कि अल्लाह तआला अपनी मख़लूक़ (बंदों) की कौन-सी बात को सबसे ज़्यादा ध्यान से सुनते हैं?हर इंसान की दुआ, इबादत और ज़िक्र

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रमज़ान के एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर हैं?

रमज़ान का महीना सिर्फ बरकतों का नहीं बल्कि बेशुमार सवाब का भी मौसम है। अल्लाह तआला ने इस महीने के रोज़ों में इतनी बरकत रखी

रमज़ान के एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर हैं? जवाब देखे »

रमज़ान के महीने में एक बार “सुब्हानअल्लाह” कहना बाकी दिनों में कितनी बार कहने से बेहतर है?

रमज़ान का महीना रहमतों और बरकतों से भरा होता है। इस मुबारक महीने में हर नेकी और इबादत का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता

रमज़ान के महीने में एक बार “सुब्हानअल्लाह” कहना बाकी दिनों में कितनी बार कहने से बेहतर है? जवाब देखे »

“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” — ये किन लोगों के बारे में कहा गया है?

क़ुरआन करीम में अल्लाह तआला ने उन लोगों के लिए बेहद सख़्त चेतावनी दी है जो यतीमों का हक़ मारते हैं।ऐसे लोग सोचते हैं कि वो

“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” — ये किन लोगों के बारे में कहा गया है? जवाब देखे »

रमज़ान के एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर हैं?

रमज़ान बरकतों और रहमतों का महीना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एक महीने के रोज़े कितने महीनों के रोज़ों के बराबर होते हैं? हदीस

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रोज़े का असल मक़सद क्या है?

रोज़ा सिर्फ़ भूख-प्यास सहने का नाम नहीं, बल्कि रूह की पाकीज़गी का सफ़र है।अल्लाह ने इसे एक ऐसे मक़सद के लिए फ़र्ज़ किया है जो

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Mekaeel ka naam Quran mein

मीकाईल (अलैहिस्सलाम) का नाम कुरआन में कितनी बार आया है?

क्या आप जानते हैं कि अल्लाह तआला के मुकर्रब (करीबी) फरिश्तों में से एक — हज़रत मीकाईल (अलैहिस्सलाम) — का नाम पूरे कुरआन-ए-मजीद में सिर्फ एक ही

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हदीस के हिसाब से अल्लाह की किताब को सबसे उम्दा (अच्छी तरह) पढ़ने वाले कौन से सहाबी थे?

क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत इस्लाम में सबसे अफ़ज़ल इबादतों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने किस सहाबी को “अल्लाह की

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वो कौन-से नबी हैं जो क़ियामत के दिन लोगों को शफ़ाअत के लिए रसूलुल्लाह ﷺ के पास जाने को कहेंगे?

क़ियामत के दिन जब हर इंसान अपने आमाल से डर रहा होगा, तब लोग एक ऐसे नबी की तलाश करेंगे जो अल्लाह तआला से शफ़ाअत (सिफ़ारिश) करें।

वो कौन-से नबी हैं जो क़ियामत के दिन लोगों को शफ़ाअत के लिए रसूलुल्लाह ﷺ के पास जाने को कहेंगे? जवाब देखे »

अल्लाह सुब्हानहु ने आसमान को कितने सुतूनों (पिलर्स) पर बनाया है?

क्या आपने कभी आसमान की ओर देखकर सोचा है कि यह विशाल नीला गुम्बद किस पर टिका हुआ है?इंसान की समझ से परे इस रहस्य

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नेिक लोगों के आमाल जिनमें लिखे जाते हैं, उसे क्या कहते हैं?

हर इंसान का हर अच्छा या बुरा काम अल्लाह तआला के हाँ दर्ज होता है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेकी करने वालों (नेक लोगों) के आमाल किस जगह

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रसूल-ए-अल्लाह ﷺ ने किन लोगों के लिए फरमाया कि उन्हें कभी माफ़ नहीं किया जाएगा?

अल्लाह तआला बहुत रहम वाला है। वह अपने बंदों के गुनाह माफ़ कर देता है जब वे सच्चे दिल से तौबा करते हैं।लेकिन इस्लाम में

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पहाड़ कौन से नबी के साथ मिलकर अल्लाह की तस्बीह किया करते थे?

अल्लाह तआला की ताक़त और क़ुदरत का कोई मुकाबला नहीं।वह अपने चुनिंदा नबियों को ऐसी निशानियाँ देता है जिनसे उसकी महानता ज़ाहिर होती है।क्या आप

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रसूलअल्लाह ﷺ ने कौन से सहाबी के लिए यह फरमाया कि वे मेरी उम्मत में दीनी मामलों में सबसे ज़्यादा सख्त हैं?

रसूलअल्लाह ﷺ के हर सहाबी की कोई न कोई ख़ास खूबी थी — किसी में रहमदिल मिज़ाज, किसी में इल्म, किसी में हया, तो किसी

रसूलअल्लाह ﷺ ने कौन से सहाबी के लिए यह फरमाया कि वे मेरी उम्मत में दीनी मामलों में सबसे ज़्यादा सख्त हैं? जवाब देखे »

रसूलअल्लाह ﷺ की हदीस के हिसाब से लोगों की इमामत का ज़्यादा हक़दार कौन है?

नमाज़ मुसलमानों की सबसे अहम इबादत है, और इमामत यानी नमाज़ की क़ियादत करना एक बड़ी ज़िम्मेदारी है।लेकिन सवाल ये है कि लोगों में इमामत का हकदार कौन

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वो कौन-सी सूरह है जिसकी पहली आयत में अल्लाह सुब्हानहु ने दो खाने की चीज़ों की क़सम खाई है?

क़ुरआन मजीद में कई जगह अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत की निशानियों की क़सम खाई है। लेकिन एक सूरह ऐसी भी है जिसमें अल्लाह ने दो

वो कौन-सी सूरह है जिसकी पहली आयत में अल्लाह सुब्हानहु ने दो खाने की चीज़ों की क़सम खाई है? जवाब देखे »

इनमें से क़ुरआन की कौन-सी सूरह में याजूज-माजूज का क़िस्सा बयान किया गया है?

क़ुरआन मजीद में कई ऐसी क़ौमें और घटनाएँ बयान की गई हैं जिनसे इंसान इबरत हासिल कर सके। उन्हीं में से एक है याजूज और माजूज

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रसूलुल्लाह ﷺ ने किस जगह के लिए फरमाया: “वहाँ ज़लज़ले और फ़ितने होंगे और शैतान का सिंग वहीं से तूलू होगा”?

नबी-ए-पाक ﷺ की कई हदीसों में आने वाले फितनों (परेशानियों) और भूकम्पों का ज़िक्र मिलता है। एक हदीस में आपने ﷺ ने एक ख़ास जगह के बारे में फरमाया

रसूलुल्लाह ﷺ ने किस जगह के लिए फरमाया: “वहाँ ज़लज़ले और फ़ितने होंगे और शैतान का सिंग वहीं से तूलू होगा”? जवाब देखे »

“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” वो कौन लोग हैं?

इस्लाम में यतीम (अनाथ) बच्चों के हक़ की हिफ़ाज़त पर बहुत ज़ोर दिया गया है।अल्लाह तआला ने क़ुरआन में उन लोगों को सख्त चेतावनी दी है जो

“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” वो कौन लोग हैं? जवाब देखे »

अशरा-ए-जिलहिज्जा का ज़िक्र क़ुरआन की किस सूरह में आया है?

इस्लाम में जिलहिज्जा के पहले दस दिन (अशरा-ए-जिलहिज्जा) बहुत बरकत और फ़ज़ीलत वाले माने गए हैं।ये वो दिन हैं जिनमें अल्लाह तआला को नेक अमल और इबादतें

अशरा-ए-जिलहिज्जा का ज़िक्र क़ुरआन की किस सूरह में आया है? जवाब देखे »