क़ुरान और हदीस

क़ुरान की आयतों और हदीस से संबंधित सभी सवालों के लिए।

दुनिया में जितने अंबिया (अलैहिस्सलाम) आए तौहीद की दावत देने के लिए, उनमें से किस नबी की कौम पर आज़ाब आकर वापस चला गया?

दुनिया में जितने भी नबी (अलैहिस्सलाम) आए, सभी ने इंसानों को तौहीद की दावत दी और अल्लाह की इबादत का हुक्म दिया। हर नबी की कौम ने […]

दुनिया में जितने अंबिया (अलैहिस्सलाम) आए तौहीद की दावत देने के लिए, उनमें से किस नबी की कौम पर आज़ाब आकर वापस चला गया? जवाब देखे »

वो कौन सा अमल है जिसके करने से इंसान को अल्लाह तआला 100 साल के बराबर जहन्नुम से दूर कर देगा?

हर नेक अमल का इंसान को दुनिया और आख़िरत में बड़ा इनाम मिलता है। लेकिन कुछ ख़ास अमल ऐसे हैं जिनकी फ़ज़ीलत इतनी अज़ीम है

वो कौन सा अमल है जिसके करने से इंसान को अल्लाह तआला 100 साल के बराबर जहन्नुम से दूर कर देगा? जवाब देखे »

क़ुरान-ए-करीम की सबसे बड़ी आयत किस सूरह में है?

क़ुरान-ए-करीम की हर आयत हिदायत और रहमत का ख़ज़ाना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क़ुरान की सबसे लंबी आयत कौन सी है और

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वो कौन हैं जो अपने पेट में गटागट जहन्नुम की आग भर रहे हैं?

इस्लाम ने हमें न सिर्फ़ इबादत का तरीका सिखाया बल्कि खाने-पीने और रहने-सहन के भी शरई उसूल बताए। इन्हीं उसूलों में से एक बड़ा अहम

वो कौन हैं जो अपने पेट में गटागट जहन्नुम की आग भर रहे हैं? जवाब देखे »

औरत अपने रब का हक़ अदा नहीं कर सकती जब तक वो किसी और का हक़ अदा न कर ले, पर किसका?

इस्लाम ने औरत को इज़्ज़त और हक़ दिए हैं, लेकिन साथ ही कुछ जिम्मेदारियाँ भी रखी हैं। खासतौर पर शादीशुदा ज़िंदगी में बीवी और शौहर

औरत अपने रब का हक़ अदा नहीं कर सकती जब तक वो किसी और का हक़ अदा न कर ले, पर किसका? जवाब देखे »

कौन सी चीज़ जन्नत में जाने की ज़्यादा वजह बनेगी?

हर इंसान की ख्वाहिश होती है कि वो जन्नत का हक़दार बने। लेकिन सवाल ये है कि कौन सा अमल सबसे ज्यादा जन्नत में जाने

कौन सी चीज़ जन्नत में जाने की ज़्यादा वजह बनेगी? जवाब देखे »

क़ुरान-ए-करीम में वो कौन सी सूरह है जिसमें एक ही आयत-ए-करीमा 31 बार आई है?

क़ुरान-ए-करीम अल्लाह की किताब है जिसमें हर आयत इंसानों के लिए रहनुमाई और सबक़ है। कुछ सूरहों में आयात का बार-बार दोहराया जाना हमें गहरी

क़ुरान-ए-करीम में वो कौन सी सूरह है जिसमें एक ही आयत-ए-करीमा 31 बार आई है? जवाब देखे »

किसकी मिसाल रस्सी से बंधे ऊंट के मालिक जैसी है, अगर वो उसकी निगरानी रखेगा तो उसे रोक सकेगा, वरना रस्सी तुड़वाकर ऊंट भाग जाएगा?

क़ुरान को याद करना बहुत बड़ा शरफ़ है, लेकिन इसे संभालकर रखना और उसकी हिफ़ाज़त करना उससे भी ज़्यादा अहम है। नबी-ए-करीम ﷺ ने हाफ़िज़-ए-क़ुरान

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क़ियामत के दिन मोमिन का मीज़ान (तराज़ू) में सबसे वज़नदार अमल कौन सा होगा?

क़ियामत के दिन हर इंसान के आमाल (अच्छे और बुरे काम) का हिसाब-किताब होगा। उस दिन मोमिन के तराज़ू में कौन सा अमल सबसे भारी

क़ियामत के दिन मोमिन का मीज़ान (तराज़ू) में सबसे वज़नदार अमल कौन सा होगा? जवाब देखे »

वो कौन-सी सूरह है जिसको सोते वक़्त पढ़ने से इंसान शिर्क जैसे ख़तरनाक फ़ितने से महफ़ूज़ हो जाता है?

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वो कौन-सी सूरह है जिसको सोते वक़्त पढ़ने से इंसान शिर्क जैसे ख़तरनाक फ़ितने से महफ़ूज़ हो जाता है? जवाब देखे »

वो कौन-सी रात है जब अल्लाह तआला आसमानी दुनिया पर नुज़ूल फरमाता है और फरमाता है “कौन है मांगने वाला जिसे मैं अता करूं?”

क्या आप जानते हैं कि अल्लाह तआला हर रात अपने बंदों से ख़ास अंदाज़ में रहमत और मग़फिरत की पुकार करता है? ये कोई एक

वो कौन-सी रात है जब अल्लाह तआला आसमानी दुनिया पर नुज़ूल फरमाता है और फरमाता है “कौन है मांगने वाला जिसे मैं अता करूं?” जवाब देखे »

किस रात में इंसान की तक़दीर यानी रिज़्क, उम्र और मौत का वक्त लिखा जाता है?

हर इंसान ये जानना चाहता है कि उसकी तक़दीर यानी रिज़्क, उम्र और मौत का वक्त कब लिखा जाता है। इस्लाम हमें बताता है कि ये सब एक मुबारक रात में

किस रात में इंसान की तक़दीर यानी रिज़्क, उम्र और मौत का वक्त लिखा जाता है? जवाब देखे »

हिजरी कैलेंडर का कौनसा महीना रमज़ान कहलाता है?

रमज़ान का महीना मुसलमानों के लिए बरकतों, रहमतों और मग़फिरत का महीना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिजरी कैलेंडर में रमज़ान कौन से नंबर का

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शब-ए-क़द्र को क़ुरआन में किस से बेहतर कहा गया है?

शब-ए-क़द्र (लैलतुल क़द्र) इस्लाम की सबसे मुबारक रातों में से एक है। यह वह रात है जिसमें क़ुरआन-ए-करीम का नुज़ूल हुआ और जिसमें बंदे की

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सदक़ा-ए-फ़ित्र कब अदा किया जाए?

ईद उल-फ़ित्र सिर्फ़ खुशी का दिन नहीं, बल्कि इंसानियत और हिकमत का भी दिन है। इस दिन मुसलमानों पर एक अहम ज़िम्मेदारी होती है — सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा

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किस रात जिब्रील अलैहिस्सलाम और फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से ज़मीन पर उतरते हैं?

रमज़ानुल मुबारक का महीना बरकतों और रहमतों से भरा होता है, लेकिन इसकी एक रात ऐसी है जो सारी रातों की सरदार है — शब-ए-क़द्र। यह

किस रात जिब्रील अलैहिस्सलाम और फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म से ज़मीन पर उतरते हैं? जवाब देखे »

रसोअल्लाह (ﷺ) ने औरतों के ईदगाह जाने के बारे में क्या फरमाया है?

इस्लाम ने औरतों को इबादत और नेकियों में हिस्सा लेने से नहीं रोका, बल्कि उन्हें भी अल्लाह की रहमत के मौकों पर शामिल होने की

रसोअल्लाह (ﷺ) ने औरतों के ईदगाह जाने के बारे में क्या फरमाया है? जवाब देखे »

वो कौन सी दो नमाज़ें हैं जो मुनाफ़िक़ों पर ज़्यादा भारी हैं?

इस्लाम में नमाज़ ईमान की पहचान और बंदे के अल्लाह से सीधे रिश्ता रखने का ज़रिया है। लेकिन कुछ नमाज़ें ऐसी हैं जो मुनाफ़िक़ों (दिखावे

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वो कौन सी नेकी है जो इंसान को बेहयाई और बुराई से रोकती है?

अल्लाह तआला ने इंसान को नेकियों की हिदायत दी है ताकि वो गुनाहों और फितनों से दूर रह सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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वो कौन से लोग हैं जिनके लिए रसूलअल्लाह ﷺ तीन मरतबा बख्शिश की दुआ करते थे?

नमाज़ में जमात का बहुत बड़ा दर्जा है और इसमें पहली सफ़ (लाइन) में खड़े होने वालों के लिए अल्लाह और उसके रसूल ﷺ ने खास फज़ीलत

वो कौन से लोग हैं जिनके लिए रसूलअल्लाह ﷺ तीन मरतबा बख्शिश की दुआ करते थे? जवाब देखे »

जब अज़ान सुनो और ये अल्फ़ाज़ आए “हय्या अलस्सलाह” तो इन में से क्या कहना चाहिए?

जब अज़ान की पुकार गूँजती है, तो यह हमें अल्लाह की याद और नमाज़ की दावत की याद दिलाती है। लेकिन बहुत से लोग नहीं

जब अज़ान सुनो और ये अल्फ़ाज़ आए “हय्या अलस्सलाह” तो इन में से क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »

जो शख्स रात को तहज्जुद पढ़ने के लिए बेदार नहीं हो सके, तो वो कौन-सा अमल करे?

हर मुसलमान की तमन्ना होती है कि वह रात के सुकून भरे लम्हों में उठकर तहज्जुद की नमाज़ अदा करे, लेकिन बहुत से लोग चाहकर

जो शख्स रात को तहज्जुद पढ़ने के लिए बेदार नहीं हो सके, तो वो कौन-सा अमल करे? जवाब देखे »

सहाबा ने रमज़ान में रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ तरावीह कितनी रात पढ़ी?

हर साल रमज़ान में यह सवाल ज़रूर उठता है कि सहाबा ने रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ कितनी रात तरावीह अदा की थी। आइए इस मुकम्मल

सहाबा ने रमज़ान में रसूल-अल्लाह ﷺ के साथ तरावीह कितनी रात पढ़ी? जवाब देखे »

वो क्या है जिसे कुछ लोग इस तरह ठीक करेंगे जैसे तीर को दुरुस्त किया जाता है, क्योंकि वो उसकी जज़ा (इनाम) दुनिया में ही चाहेंगे?

कुरआन सिर्फ ज़ुबान से पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि दिल से समझने और अमल करने की किताब है। लेकिन रसूलअल्लाह ﷺ ने ऐसे लोगों के

वो क्या है जिसे कुछ लोग इस तरह ठीक करेंगे जैसे तीर को दुरुस्त किया जाता है, क्योंकि वो उसकी जज़ा (इनाम) दुनिया में ही चाहेंगे? जवाब देखे »

इन में से किसके ज़रिए अल्लाह सुब्हानहु किसी क़ौम को बुलंदी या ज़िल्लत देता है?

कुरआन सिर्फ़ तिलावत करने की किताब नहीं, बल्कि ज़िंदगी बदल देने वाला कलाम है। इस पर अमल करने से अल्लाह तआला क़ौमों को ऊँचाई देता

इन में से किसके ज़रिए अल्लाह सुब्हानहु किसी क़ौम को बुलंदी या ज़िल्लत देता है? जवाब देखे »

रोज़ेदार के सामने जब खाना खाया जाए और वो सब्र करें तो क्या होता है?

रोज़ा सिर्फ़ भूख और प्यास से रुकने का नाम नहीं, बल्कि यह सब्र, तहम्मुल और अल्लाह की रज़ा हासिल करने का ज़रिया है। अल्लाह तआला

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कुरआन की किस सूरह में अल्लाह ने फ़रमाया कि “तुम सब अल्लाह के मोहताज और फ़क़ीर हो”?

इंसान अक़्सर अपने इल्म, माल या ताक़त पर ग़ुरूर कर बैठता है, लेकिन कुरआन मजीद हमें बार-बार याद दिलाता है कि असल में हम सब

कुरआन की किस सूरह में अल्लाह ने फ़रमाया कि “तुम सब अल्लाह के मोहताज और फ़क़ीर हो”? जवाब देखे »

रोज़ेदार का इस्तक़बाल जन्नत के किस दरवाज़े से किया जाएगा?

रमज़ान का महीना सिर्फ़ रोज़े रखने का नहीं, बल्कि अल्लाह के क़रीब होने का भी बेहतरीन वक़्त है। इस महीने में अल्लाह तआला अपने खास

रोज़ेदार का इस्तक़बाल जन्नत के किस दरवाज़े से किया जाएगा? जवाब देखे »

अल्लाह सुब्हानहु ने क़ुरान करीम में “तलाउ़न नदीद” लफ़्ज़ किसके लिए इस्तेमाल किया है?

क़ुरान-ए-करीम में अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत की कई निशानियाँ बयान की हैं — आसमान से बारिश, ज़मीन से उगती फ़सलें और खजूर के दरख्त

अल्लाह सुब्हानहु ने क़ुरान करीम में “तलाउ़न नदीद” लफ़्ज़ किसके लिए इस्तेमाल किया है? जवाब देखे »

रमज़ान के महीने में जन्नत के कितने दरवाज़े खोल दिए जाते हैं?

रमज़ान का महीना रहमत, बरकत और मग़फ़िरत का मौसम है। इस मुबारक महीने में अल्लाह तआला अपने बंदों पर इतनी रहमत बरसाता है कि जन्नत

रमज़ान के महीने में जन्नत के कितने दरवाज़े खोल दिए जाते हैं? जवाब देखे »