वो कौन से सहाबी हैं जिनसे फ़रिश्ते भी हया (शरम) करते हैं?
रसूलअल्लाह ﷺ के सहाबा में हर एक की कोई न कोई ख़ास बात थी — लेकिन एक सहाबी ऐसे थे जिनके बारे में नबी ﷺ […]
वो कौन से सहाबी हैं जिनसे फ़रिश्ते भी हया (शरम) करते हैं? जवाब देखे »
रसूलअल्लाह ﷺ के सहाबा में हर एक की कोई न कोई ख़ास बात थी — लेकिन एक सहाबी ऐसे थे जिनके बारे में नबी ﷺ […]
वो कौन से सहाबी हैं जिनसे फ़रिश्ते भी हया (शरम) करते हैं? जवाब देखे »
क़ियामत की निशानियों में से एक बड़ी निशानी है दज्जाल का ज़ुहूर (आना)। हदीसों में उसके साथ चलने वाले लोगों का ज़िक्र भी मिलता है —
इस्लाम में मिलने और जुदा होने दोनों के मौके पर सलाम कहना सुन्नत है। यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक खूबसूरत दुआ है जिसमें अमन, रहमत
किसी मुसलमान से जुदा होते वक्त क्या कहना चाहिए? जवाब देखे »
अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत के ज़रिए कुछ क़ौमों को उनकी ज़िद, ग़ुरूर और कुफ़्र की वजह से सख़्त अज़ाब दिया। उनमे से एक मशहूर
वो कौन सी क़ौम थी जिन पर टिड्डी , जुएँ , मेंढक और ख़ून का अज़ाब नाज़िल हुआ था? जवाब देखे »
अज़ान देना सिर्फ़ नमाज़ की पुकार नहीं, बल्कि इस्लाम की पहचान और ईमान की गवाही है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने अज़ान देने वालों को
क़यामत के दिन सबसे लंबी गर्दन किसकी होगी? जवाब देखे »
अल्लाह तआला अपने बन्दों पर बेहद रहम करने वाला है। वह हर रात आसमान-ए-दुनिया की तरफ नुज़ूल फ़रमाता है और खुद पुकार कर रहमत के दरवाज़े खोल
क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत इस्लाम में सबसे अफ़ज़ल इबादतों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने किस सहाबी को “अल्लाह की
हदीस के हिसाब से अल्लाह की किताब को सबसे उम्दा (अच्छी तरह) पढ़ने वाले कौन से सहाबी थे? जवाब देखे »
कभी सोचा है कि रसूलुल्लाह ﷺ जब अपने घर में दाख़िल होते थे तो सबसे पहले कौन-सा काम किया करते थे? यह एक छोटा-सा अमल है, लेकिन
रसूलुल्लाह ﷺ जब घर में तशरीफ़ लाते तो (सलाम के बाद) सबसे पहले क्या करते? जवाब देखे »
क़ियामत के दिन जब हर इंसान अपने आमाल से डर रहा होगा, तब लोग एक ऐसे नबी की तलाश करेंगे जो अल्लाह तआला से शफ़ाअत (सिफ़ारिश) करें।
क्या आपने कभी आसमान की ओर देखकर सोचा है कि यह विशाल नीला गुम्बद किस पर टिका हुआ है?इंसान की समझ से परे इस रहस्य
अल्लाह सुब्हानहु ने आसमान को कितने सुतूनों (पिलर्स) पर बनाया है? जवाब देखे »
इंसानियत की शुरुआत से ही अल्लाह तआला ने लोगों की हिदायत के लिए नबी और रसूल भेजे।लेकिन क्या आपने कभी सोचा — ज़मीन पर सबसे पहले रसूल किसे
अल्लाह सुब्हानहु ने ज़मीन वालों की तरफ़ सबसे पहले किसे रसूल बनाकर भेजा? जवाब देखे »
हर इंसान का हर अच्छा या बुरा काम अल्लाह तआला के हाँ दर्ज होता है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेकी करने वालों (नेक लोगों) के आमाल किस जगह
नेिक लोगों के आमाल जिनमें लिखे जाते हैं, उसे क्या कहते हैं? जवाब देखे »
क्या कभी आपने नमाज़ में ध्यान भटकते हुए या क़ुरआन की आयतें भूलते हुए महसूस किया है?ये भूलना सिर्फ़ लापरवाही नहीं — बल्कि एक ख़ास शैतान
नमाज़ में क़ुरआन भुला देने वाले शैतान का नाम क्या है? जवाब देखे »
अल्लाह तआला बहुत रहम वाला है। वह अपने बंदों के गुनाह माफ़ कर देता है जब वे सच्चे दिल से तौबा करते हैं।लेकिन इस्लाम में
रसूल-ए-अल्लाह ﷺ ने किन लोगों के लिए फरमाया कि उन्हें कभी माफ़ नहीं किया जाएगा? जवाब देखे »
अल्लाह तआला की ताक़त और क़ुदरत का कोई मुकाबला नहीं।वह अपने चुनिंदा नबियों को ऐसी निशानियाँ देता है जिनसे उसकी महानता ज़ाहिर होती है।क्या आप
पहाड़ कौन से नबी के साथ मिलकर अल्लाह की तस्बीह किया करते थे? जवाब देखे »
रसूलअल्लाह ﷺ के हर सहाबी की कोई न कोई ख़ास खूबी थी — किसी में रहमदिल मिज़ाज, किसी में इल्म, किसी में हया, तो किसी
नमाज़ मुसलमानों की सबसे अहम इबादत है, और इमामत यानी नमाज़ की क़ियादत करना एक बड़ी ज़िम्मेदारी है।लेकिन सवाल ये है कि लोगों में इमामत का हकदार कौन
रसूलअल्लाह ﷺ की हदीस के हिसाब से लोगों की इमामत का ज़्यादा हक़दार कौन है? जवाब देखे »
इसरा व मेराज की रात अल्लाह तआला ने अपने प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ को आसमानों की सैर कराई। हर आसमान पर नबी ﷺ की मुलाकात
मेराज की रात रसूल-अल्लह ﷺ की मुलाकात दूसरे आसमान पर किस नबी से हुई? जवाब देखे »
क़ुरआन मजीद में कई जगह अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत की निशानियों की क़सम खाई है। लेकिन एक सूरह ऐसी भी है जिसमें अल्लाह ने दो
क़ुरआन मजीद में कई ऐसी क़ौमें और घटनाएँ बयान की गई हैं जिनसे इंसान इबरत हासिल कर सके। उन्हीं में से एक है याजूज और माजूज
इनमें से क़ुरआन की कौन-सी सूरह में याजूज-माजूज का क़िस्सा बयान किया गया है? जवाब देखे »
क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला ने नेक लोगों के आमाल और गुनहगारों के आमाल के बारे में ज़िक्र किया है। जहाँ नेक लोगों के आमाल इल्लीयीन
सिज्जीन में क्या है? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम ऐसे हैं जिनकी बहादुरी और ईमानदारी की मिसालें आज तक दी जाती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि एक
नबी-ए-पाक ﷺ की कई हदीसों में आने वाले फितनों (परेशानियों) और भूकम्पों का ज़िक्र मिलता है। एक हदीस में आपने ﷺ ने एक ख़ास जगह के बारे में फरमाया
इस्लाम में जनाज़े (मय्यत के निकलने) के आदाब बहुत अहमियत रखते हैं। जनाज़े को देखकर इंसान को मौत की याद आती है और आखिरत का एहसास होता
रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया, जब तुम लोग जनाज़ा देखो तो क्या करना चाहिए? जवाब देखे »
इस्लाम में यतीम (अनाथ) बच्चों के हक़ की हिफ़ाज़त पर बहुत ज़ोर दिया गया है।अल्लाह तआला ने क़ुरआन में उन लोगों को सख्त चेतावनी दी है जो
“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” वो कौन लोग हैं? जवाब देखे »
इस्लाम में जिलहिज्जा के पहले दस दिन (अशरा-ए-जिलहिज्जा) बहुत बरकत और फ़ज़ीलत वाले माने गए हैं।ये वो दिन हैं जिनमें अल्लाह तआला को नेक अमल और इबादतें
अशरा-ए-जिलहिज्जा का ज़िक्र क़ुरआन की किस सूरह में आया है? जवाब देखे »
इस्लाम के शुरुआती दौर में अबू जहल इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता था।उसकी जिद, घमंड और नफ़रत ने उसे उस मुक़ाम तक पहुँचा दिया
अबू जहल कौन-से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास की सबसे अहम जंग — ग़ज़वा-ए-बद्र — में एक ऐसा वाक़या भी हुआ जो हक़ और बातिल के फ़र्क़ को हमेशा के लिए बयान कर गया।इस जंग
जंग-ए-बद्र में किसने कहा: “आज कोई तुम पर ग़ालिब नहीं होगा, मैं तुम्हारा हिमायती हूँ”? जवाब देखे »
क़ुरआन में कई क़ौमों का ज़िक्र आता है जो अपनी नाफ़रमानी की वजह से हलाक कर दी गईं।ऐसी ही एक क़ौम थी — असहाब-उल-हिज्र जिन्होंने पहाड़ों
असहाब-उल-हिज्र कौन थे? जवाब देखे »
इस्लामी इतिहास में ग़ज़वा-ए-बद्र एक ऐसा मुक़द्दस मौक़ा है, जहाँ मुसलमानों ने अल्लाह की मदद से एक बड़ी जीत हासिल की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि
वो कौनसे सहाबी थे जो ग़ज़वा-ए-बद्र में शामिल नहीं हुए फिर भी उन्हें सवाब मिला? जवाब देखे »