Author name: Nashra Shaikh

नशरा शेख ummat-e-nabi.com की एक इस्लामिक कंटेंट राइटर हैं। उनका शौक़ कुरआन और हदीस से साबित इस्लामी सवाल-जवाब और ऐसे पोस्ट तैयार करना है जो उम्मत के लिए फ़ायदेमंद साबित हों। उनका मक़सद वाज़ेह और सक़ारात्मक अंदाज़ में इल्म को आम करना है।

Sahabi Farishte Haya

वो कौन से सहाबी हैं जिनसे फ़रिश्ते भी हया (शरम) करते हैं?

रसूलअल्लाह ﷺ के सहाबा में हर एक की कोई न कोई ख़ास बात थी — लेकिन एक सहाबी ऐसे थे जिनके बारे में नबी ﷺ […]

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Dajjal and the question of fate

वो कौन सा मुल्क है जहाँ से 70,000 यहूदी काले कपड़े (सियाह चादर) ओढ़े हुए दज्जाल के साथ हो जाएंगे?

क़ियामत की निशानियों में से एक बड़ी निशानी है दज्जाल का ज़ुहूर (आना)। हदीसों में उसके साथ चलने वाले लोगों का ज़िक्र भी मिलता है —

वो कौन सा मुल्क है जहाँ से 70,000 यहूदी काले कपड़े (सियाह चादर) ओढ़े हुए दज्जाल के साथ हो जाएंगे? जवाब देखे »

किसी मुसलमान से जुदा होते वक्त क्या कहना चाहिए?

इस्लाम में मिलने और जुदा होने दोनों के मौके पर सलाम कहना सुन्नत है। यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक खूबसूरत दुआ है जिसमें अमन, रहमत

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वो कौन सी क़ौम थी जिन पर टिड्डी , जुएँ , मेंढक और ख़ून का अज़ाब नाज़िल हुआ था?

अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत के ज़रिए कुछ क़ौमों को उनकी ज़िद, ग़ुरूर और कुफ़्र की वजह से सख़्त अज़ाब दिया। उनमे से एक मशहूर

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क़यामत के दिन सबसे लंबी गर्दन किसकी होगी?

अज़ान देना सिर्फ़ नमाज़ की पुकार नहीं, बल्कि इस्लाम की पहचान और ईमान की गवाही है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने अज़ान देने वालों को

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अल्लाह सुब्हानहु कौन-सी रात आसमान-ए-दुनिया की तरफ नुज़ूल फ़रमाता है और कहता है: “कौन है जो मुझसे दुआ करे कि मैं उसकी दुआ क़बूल करूं?”

अल्लाह तआला अपने बन्दों पर बेहद रहम करने वाला है। वह हर रात आसमान-ए-दुनिया की तरफ नुज़ूल फ़रमाता है और खुद पुकार कर रहमत के दरवाज़े खोल

अल्लाह सुब्हानहु कौन-सी रात आसमान-ए-दुनिया की तरफ नुज़ूल फ़रमाता है और कहता है: “कौन है जो मुझसे दुआ करे कि मैं उसकी दुआ क़बूल करूं?” जवाब देखे »

हदीस के हिसाब से अल्लाह की किताब को सबसे उम्दा (अच्छी तरह) पढ़ने वाले कौन से सहाबी थे?

क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत इस्लाम में सबसे अफ़ज़ल इबादतों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने किस सहाबी को “अल्लाह की

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रसूलुल्लाह ﷺ जब घर में तशरीफ़ लाते तो (सलाम के बाद) सबसे पहले क्या करते?

कभी सोचा है कि रसूलुल्लाह ﷺ जब अपने घर में दाख़िल होते थे तो सबसे पहले कौन-सा काम किया करते थे? यह एक छोटा-सा अमल है, लेकिन

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वो कौन-से नबी हैं जो क़ियामत के दिन लोगों को शफ़ाअत के लिए रसूलुल्लाह ﷺ के पास जाने को कहेंगे?

क़ियामत के दिन जब हर इंसान अपने आमाल से डर रहा होगा, तब लोग एक ऐसे नबी की तलाश करेंगे जो अल्लाह तआला से शफ़ाअत (सिफ़ारिश) करें।

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अल्लाह सुब्हानहु ने आसमान को कितने सुतूनों (पिलर्स) पर बनाया है?

क्या आपने कभी आसमान की ओर देखकर सोचा है कि यह विशाल नीला गुम्बद किस पर टिका हुआ है?इंसान की समझ से परे इस रहस्य

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अल्लाह सुब्हानहु ने ज़मीन वालों की तरफ़ सबसे पहले किसे रसूल बनाकर भेजा?

इंसानियत की शुरुआत से ही अल्लाह तआला ने लोगों की हिदायत के लिए नबी और रसूल भेजे।लेकिन क्या आपने कभी सोचा — ज़मीन पर सबसे पहले रसूल किसे

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नेिक लोगों के आमाल जिनमें लिखे जाते हैं, उसे क्या कहते हैं?

हर इंसान का हर अच्छा या बुरा काम अल्लाह तआला के हाँ दर्ज होता है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि नेकी करने वालों (नेक लोगों) के आमाल किस जगह

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नमाज़ में क़ुरआन भुला देने वाले शैतान का नाम क्या है?

क्या कभी आपने नमाज़ में ध्यान भटकते हुए या क़ुरआन की आयतें भूलते हुए महसूस किया है?ये भूलना सिर्फ़ लापरवाही नहीं — बल्कि एक ख़ास शैतान

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रसूल-ए-अल्लाह ﷺ ने किन लोगों के लिए फरमाया कि उन्हें कभी माफ़ नहीं किया जाएगा?

अल्लाह तआला बहुत रहम वाला है। वह अपने बंदों के गुनाह माफ़ कर देता है जब वे सच्चे दिल से तौबा करते हैं।लेकिन इस्लाम में

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पहाड़ कौन से नबी के साथ मिलकर अल्लाह की तस्बीह किया करते थे?

अल्लाह तआला की ताक़त और क़ुदरत का कोई मुकाबला नहीं।वह अपने चुनिंदा नबियों को ऐसी निशानियाँ देता है जिनसे उसकी महानता ज़ाहिर होती है।क्या आप

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रसूलअल्लाह ﷺ ने कौन से सहाबी के लिए यह फरमाया कि वे मेरी उम्मत में दीनी मामलों में सबसे ज़्यादा सख्त हैं?

रसूलअल्लाह ﷺ के हर सहाबी की कोई न कोई ख़ास खूबी थी — किसी में रहमदिल मिज़ाज, किसी में इल्म, किसी में हया, तो किसी

रसूलअल्लाह ﷺ ने कौन से सहाबी के लिए यह फरमाया कि वे मेरी उम्मत में दीनी मामलों में सबसे ज़्यादा सख्त हैं? जवाब देखे »

रसूलअल्लाह ﷺ की हदीस के हिसाब से लोगों की इमामत का ज़्यादा हक़दार कौन है?

नमाज़ मुसलमानों की सबसे अहम इबादत है, और इमामत यानी नमाज़ की क़ियादत करना एक बड़ी ज़िम्मेदारी है।लेकिन सवाल ये है कि लोगों में इमामत का हकदार कौन

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मेराज की रात रसूल-अल्लह ﷺ की मुलाकात दूसरे आसमान पर किस नबी से हुई?

इसरा व मेराज की रात अल्लाह तआला ने अपने प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ को आसमानों की सैर कराई। हर आसमान पर नबी ﷺ की मुलाकात

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वो कौन-सी सूरह है जिसकी पहली आयत में अल्लाह सुब्हानहु ने दो खाने की चीज़ों की क़सम खाई है?

क़ुरआन मजीद में कई जगह अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत की निशानियों की क़सम खाई है। लेकिन एक सूरह ऐसी भी है जिसमें अल्लाह ने दो

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इनमें से क़ुरआन की कौन-सी सूरह में याजूज-माजूज का क़िस्सा बयान किया गया है?

क़ुरआन मजीद में कई ऐसी क़ौमें और घटनाएँ बयान की गई हैं जिनसे इंसान इबरत हासिल कर सके। उन्हीं में से एक है याजूज और माजूज

इनमें से क़ुरआन की कौन-सी सूरह में याजूज-माजूज का क़िस्सा बयान किया गया है? जवाब देखे »

उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”?

इस्लामी इतिहास में कुछ सहाबा-ए-किराम ऐसे हैं जिनकी बहादुरी और ईमानदारी की मिसालें आज तक दी जाती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि एक

उस ख़ुशनसीब सहाबी का क्या नाम है जिनके लिए रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया था: “तुम पर मेरे माँ-बाप क़ुर्बान हों”? जवाब देखे »

रसूलुल्लाह ﷺ ने किस जगह के लिए फरमाया: “वहाँ ज़लज़ले और फ़ितने होंगे और शैतान का सिंग वहीं से तूलू होगा”?

नबी-ए-पाक ﷺ की कई हदीसों में आने वाले फितनों (परेशानियों) और भूकम्पों का ज़िक्र मिलता है। एक हदीस में आपने ﷺ ने एक ख़ास जगह के बारे में फरमाया

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रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया, जब तुम लोग जनाज़ा देखो तो क्या करना चाहिए?

इस्लाम में जनाज़े (मय्यत के निकलने) के आदाब बहुत अहमियत रखते हैं। जनाज़े को देखकर इंसान को मौत की याद आती है और आखिरत का एहसास होता

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“वो अपने पेट में दोज़ख की आग भरते हैं, और अनक़रीब आग में दाख़िल होंगे।” वो कौन लोग हैं?

इस्लाम में यतीम (अनाथ) बच्चों के हक़ की हिफ़ाज़त पर बहुत ज़ोर दिया गया है।अल्लाह तआला ने क़ुरआन में उन लोगों को सख्त चेतावनी दी है जो

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अशरा-ए-जिलहिज्जा का ज़िक्र क़ुरआन की किस सूरह में आया है?

इस्लाम में जिलहिज्जा के पहले दस दिन (अशरा-ए-जिलहिज्जा) बहुत बरकत और फ़ज़ीलत वाले माने गए हैं।ये वो दिन हैं जिनमें अल्लाह तआला को नेक अमल और इबादतें

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अबू जहल कौन-से ग़ज़वे में क़त्ल हुआ?

इस्लाम के शुरुआती दौर में अबू जहल इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता था।उसकी जिद, घमंड और नफ़रत ने उसे उस मुक़ाम तक पहुँचा दिया

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जंग-ए-बद्र में किसने कहा: “आज कोई तुम पर ग़ालिब नहीं होगा, मैं तुम्हारा हिमायती हूँ”?

इस्लामी इतिहास की सबसे अहम जंग — ग़ज़वा-ए-बद्र — में एक ऐसा वाक़या भी हुआ जो हक़ और बातिल के फ़र्क़ को हमेशा के लिए बयान कर गया।इस जंग

जंग-ए-बद्र में किसने कहा: “आज कोई तुम पर ग़ालिब नहीं होगा, मैं तुम्हारा हिमायती हूँ”? जवाब देखे »

असहाब-उल-हिज्र कौन थे?

क़ुरआन में कई क़ौमों का ज़िक्र आता है जो अपनी नाफ़रमानी की वजह से हलाक कर दी गईं।ऐसी ही एक क़ौम थी — असहाब-उल-हिज्र जिन्होंने पहाड़ों

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वो कौनसे सहाबी थे जो ग़ज़वा-ए-बद्र में शामिल नहीं हुए फिर भी उन्हें सवाब मिला?

इस्लामी इतिहास में ग़ज़वा-ए-बद्र एक ऐसा मुक़द्दस मौक़ा है, जहाँ मुसलमानों ने अल्लाह की मदद से एक बड़ी जीत हासिल की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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